कालागढ़। लगातार वन्यजीवों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। कई दिनों से हो रही हाथियों की आवाजाही के बाद अब बाघिन शिकार को मुख्य मार्ग पर खींच कर ले जाती दिखाई दी।
10-15 दिनों से क्षेत्र में वन्य जीवों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। आक्रामक होते हाथी, हिरण व चीतल के झुंड, आबादी में रेंगते दिखाई देते सर्प आदि आम हो चले हैं। पुराने कालागढ़ स्थित सूखासोत के पुल के पास एक बाघिन सक्रिय है। सीमावर्ती क्षेत्र होने की वजह से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के वन विभाग के गश्ती दल नदारद हैं, जिसकी वजह से आबादी व वहां से गुजरने वाले राहगीरों की सुरक्षा को खतरा है।
पुराना कालागढ़ सिंचाई विभाग काॅलोनी व इस्लामनगर बाजार से उत्तर प्रदेश की नगीना रेंज का क्षेत्र शुरू हो जाता है। सीमा पार कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व की लकड़घाट चौकी के गश्ती दल हनुमान मंदिर तक सक्रिय रहते हैं। बिजनौर के नगीना रेंज की सीमा शुरू होते ही कानूनी दायरे में आ जाते हैं। पुराना कालागढ़ से अफजलगढ़ व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व तक बिजनौर के न तो गश्ती दल नजर आते हैं और न ही कोई वन चौकी यहां मौजूद है।
ऐसे में नगीना रेंज के पुराना कालागढ़ इस्लामनगर, सिंचाई विभाग काॅलोनी, हेड़िया बस्ती व नई बस्ती के बीच पड़ने वाले सूखासोत के पुल पर बाघिन ने सांभर का शिकार किया होगा।
बाघिन शिकार को मुख्य मार्ग से घसीटकर पुल के दूसरे कोने की ओर ले जाती दिखाई दे रही है, जिसका वहां से गुजर रहे किसी वाहन चालक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पुराना कालागढ़ निवासी हाजी रईस अहमद, महबूब अली, विनोद धारियावाल, शालू अग्रवाल, फय्याज अहमद अंसारी आदि ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग से पुराना कालागढ़ यूपी वन विभाग की स्थायी चौकी स्थापित करने की मांग की है। वन दरोगा सुनील राजौरा का कहना है कि जनता की सुरक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ गश्ती दलों को सतर्क रहने को कहा गया है।