गांव गोहावर जैत प्रकरण
- बाल सुधार गृह जाते हुए बोली, अब पापा मुझे प्यार नहीं करेंगे, मैंने तोड़ दिया भरोसा
-बाल सुधार गृह से फोन कर किशोरी ने जताई पिता से मिलने की इच्छा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नूरपुर। दो बहनों की हत्या करने वाली आरोपी किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। भले ही किशोरी को हत्या करते समय अच्छे, बुरे का विचार नहीं आया। मगर, बाल सुधार गृह जाते समय किशोरी को पश्चाताप हुआ। किशोरी बोली, अब पापा मुझे प्यार नहीं करेंगे। मैंने उनका भरोसा तोड़ दिया। इतना ही नहीं शनिवार को बाल सुधार गृह से किशोरी ने फोन कर पिता से मिलने की भी इच्छा जताई।
नूरपुर क्षेत्र के गांव गोहावर जैत में दो छोटी सौतेली बहनों की हत्या की खबर सुनने के बाद हर कोई हैरान था। ख्याल रखने वाली बहन ही हत्या कर देगी। घटना को अंजाम देने के बाद किशोरी ने कबूल भी किया। इसके बाद किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। दिनभर सहदेव के घर रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा। हर कोई बस घटना के बारे में ही बात कर रहा था कि किशोरी ने इतना बड़ा कदम आखिर क्यों उठाया। शनिवार को आरोपी किशोरी ने बाल सुधार गृह से अपने पिता को फोन किया।
परिजनों के मुताबिक उसने अपने पिता और बड़े तहेरे भाई से करीब पांच मिनट बात की। सहदेव ने उससे पूछा कि तूने ऐसे क्यों किया। परिवार की बदनामी हो रही है। पुलिस भी घर आई। मगर, फोन पर वह सिर्फ सिसकती रही। उसने कोई जवाब नहीं दिया। बल्कि उसने पिता सहदेव सिंह से कहा कि मुझसे एक बार मिलने आ जाओ। चाहे फिर कभी मिलने मत आना। फोन पर कपड़े लाने की बात भी कही।
वहीं, नूरपुर कोतवाल अमित कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बाल सुधार गृह ले जाते समय किशोरी को पश्चाताप हुआ। उसने कहा कि मैंने उनका भरोसा तोड़ा है, अब पापा मुझे प्यार नहीं करेंगे।
सौतेली संतान होने का बढ़ने लगा था अहसास
परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर होने से पिता सहदेव सिंह के ऊपर छह बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। कोई स्थायी कारोबार नहीं है और दैनिक मजदूरी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। मां की दूसरी शादी होने के बाद जैसे-जैसे समय बढ़ता गया तो किशोरी को सौतेली संतान होने का अहसास भी बढ़ने लगा। बृहस्पतिवार की रात पिता के काम पर चले जाने के बाद मां व अन्य भाई बहनों के साथ सो रही बड़ी सौतेली बहन ने छोटी बहन रितु उर्फ रिया और पवित्रा का गला दुपट्टे से घोंट दिया था।