- इस बार फिर से कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा प्रस्ताव
- नहर पटरी पर 11 किलोमीटर लंबी सड़क बनने से घटेगी दस किलोमीटर की दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मध्य गंगा नहर पटरी पर सड़क का निर्माण हुआ तो एक बाईपास बिजनौर शहर को मिल जाएगा। हालांकि निर्माण मंजूरी के फेर में अटका हुआ है। अब फिर से इस कवायद को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
फेज टू की मध्य गंगा नहर बिजनौर से निकलकर अमरोहा की तरफ जा रही है। जो कि मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर बैराज के पास से बिजनौर चांदपुर मार्ग पर विदुरकुटी के निकट जाकर निकल रही है।
बिजनौर शहर में चक्कर रोड पर वाहनों दबाव को देखते हुए इस नहर की पटरी पर 11 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का खाका साल 2021 में खींचा गया। साल 2024 में सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था। सड़क के निर्माण पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। मगर साल 2024 के प्रस्ताव को किन्हीं कारणों से मंजूरी नहीं मिल सकी। अब फिर से इसे नई कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। ताकि सड़क निर्माण का सपना धरातल पर उतर सके।
- मेरठ पौड़ी हाईवे से जुड़ जाएगा बदायूं स्टेट हाईवे
नहर पटरी पर सड़क बनने के बाद मुजफ्फरनगर की ओर से मुरादाबाद या चांदपुर की ओर जाने वाले वाहनों को बिजनौर शहर में आना नहीं पड़ेगा बल्कि यह सीधे विदुरकुटी की ओर चला जाएगा। इससे बिजनौर की चक्कर रोड पर भी वाहनों का बोझ कम होगा।
- नूरपुर मार्ग के लिए इधर से निकालने की योजना
बिजनौर बैराज से नहर बाईपास होते हुए वाहनों को दारानगर तक पहुंचाना, इसके बाद दारानगर से नूरपुर मुरादाबाद रोड पर ले जाने के लिए फतेहपुर होते हुए हल्दौर तक ले जाने की योजना है। इसी योजना के तहत हल्दौर से फतेहपुर हुए दारानगर गंज तक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण कराया जा चुका है।
वर्जन :
पिछली बार नहर पटरी पर सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। अबकी बार फिर से कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। - हेमंत प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि