शेरकोट। ग्राम हाफिजाबाद निवासी 50 वर्षीय शराफत बृहस्पतिवार दोपहर मुबारकपुर कुंडा के एक तालाब में सिंघाड़े की बेल सीधी करने के लिए गए थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उनकी तलाश करते हुए परिजन तालाब पर पहुंचे तो शराफत का शव पानी में उतराता दिखाई दिया। शव को देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला। बारिश के कारण तालाब पानी से लवालब भरा हुआ है। शमशाद ने बताया कि बड़ भाई शराफत ने तालाब में सिंघाड़े की खेती कर रखी है। वह बेल को सीधा करने के लिए पानी में उतरे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया। शराफत अपने पीछे एक विवाहित पुत्री, दो अविवाहित पुत्र और एक अविवाहित पुत्री को रोता बिलखता छोड़ गया। सीओ आलोक कुमार का कहना है कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है।