हल्दौर। बदमाशों ने मसीत-पीपलसाना रास्ते पर हाईटेंशन लाइन के 14 बिजली के खंभों का ढाई किलोमीटर लंबाई का तार चोरी कर लिया और आठ खंभे तोड़ डाले। चोरी हुए तार की कीमत करीब चार लाख है। तार चोरी होने से पांच गांवों व 150 नलकूपों की आपूर्ति ठप हो गई है।
मसीत में बिजलीघर का निर्माण करीब एक साल पहले हुआ था। बिजलीघर से मसीत, मडैंया, बाबरपुर, हासमपुर शेख तथा तोफापुर गांव और करीब 150 नलकूपों को आपूर्ति की जाती है। शनिवार की रात बदमाशों ने मसीत पीपलसाना मार्ग पर एचटी लाइन का करीब 2.5 किलोमीटर लंबाई का तार चोरी कर लिया। जेई जितेंद्र सिंह ने बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब चार लाख रुपये है। चोरी की चांदपुर कोतवाली में तहरीर दे दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिससे निगम से नया तार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों जरीनुददीन, नसीमुददीन, अब्दुल वाहिद, नसीमुद्दीन, सरताज, नईम का कहना था कि किसान गेहूं की बुवाई के लिए पलेवा कर रहा है। नलकूप ठप होने से सिंचाई का काम प्रभावित है।
सात माह में एक करोड़ का सामान चोरी
विद्युत निगम के सिस्टम पर भारी पड़ रहे चोर
बिजनौर। विद्युत निगम पर चोर भारी पड़ रहे हैं। पिछले सात माह में बदमाशों ने ट्रांसफार्मर व लाइन चोरी करके निगम को करीब एक करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है। ट्रांसफार्मर व तार चोरी का सिलसिला लगातार जा रही है। पुलिस भी विद्युत सिस्टम को दीमक की तरह निगल रहे चोरों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। चोरी वजह बिजली कटौती मानी जा रही है। जिले भर में करीब 25 हजार ट्रांसफार्मर हैं। बिजली तार व ट्रांसफार्मर चोरों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गए हैं। एक अप्रैल से अब तक चोरों ने 130 ट्रांसफार्मरों को निशाना बना लिया है। इसके अलावा चोर आठ किलोमीटर लंबा तार भी उड़ा चुके हैं। ट्रांसफार्मर व तार की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अभी तक ट्रांसफार्मर व लाइन चोर गिरोह को नहीं पकड़ पाई है। गिरोह को विद्युत निगम के शेड्यूल की पूरी जानकारी रहती है। यही वजह है कि एचटी लाइन को भी चोरों ने निशाना बना लिया है। देहात क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर व तार चोरी की सबसे ज्यादा घटनाएं हो रही हैं। ज्यादातर मामलों में चोर ट्रांसफार्मर का तेल उड़ेल देते हैं और तांबे की क्वाइल ले जाते हैं। विद्युत निगम के सूत्रों के अनुसार चोरी के कई कई माह बाद खेतों में ट्रांसफार्मरों के खोखे पड़े मिलते हैं।
कर्मचारी की शह पर तो नहीं हो रही चोरी
विद्युत निगम के शेड्यूल की पूरी जानकारी गिरोह को रहती है। माना जा रहा है कि सामान चोरी करने वाले इस गिरोह के साथ विद्युत निगम के कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।