फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार हजार रुपये के लिए की थी शुभम की हत्या

Mon, 18 Aug 2014 05:30 AM IST
Bijnor
विज्ञापन
विज्ञापन
नूरपुर। पुलिस ने 11 अगस्त को राजा का ताजपुर में हुई शुभम त्यागी की हत्या का खुलासा कर दिया है। शुभम की हत्या उसके चार दोस्तों ने उधार लिए मात्र चार हजार रुपये न देने पर की थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

राजा का ताजपुर निवासी शुभम त्यागी का शव 11 अगस्त की शाम पुलिस चौकी के पीछे जंगल में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मुंह दबाकर दम घुटना आया था। पुलिस ने मृतक के भाई विशाल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार की देर रात नौ बजे हत्या का खुलासा करते हुए प्रभारी निरीक्षक सत्यपाल सिंह ने बताया कि परिजनों ने ताजपुर निवासी शुभम के दोस्त राजेंद्र, अभिषेक, सोनू व पारुल पर उसकी हत्या करने का शक जताया था। रविवार की शाम पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की तो उन्हाेंने हत्या करने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि शुभम ने सोनू से कई माह पहले चार हजार रुपये उधार लिए थे। कई बार मांगने के बाद भी वह पैसे नही लौटा रहा था। 11 अगस्त को चाराें शुभम को बुलाकर जंगल में ले गए और उससे पैसों की मांग की। शुभम के पैसे देने से मना करने पर चारों ने मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को वहीं छोड़कर घर आ गए। पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों का चालान कर दिया है।
लकड़ी माफिया ने की थी ओमपाल की हत्या
मंडावली/नजीबाबाद। आठ दिन से लापता ओमपाल सिंह का शव सीतावाली गंगनहर से मिला। परिजनों ने उसकी पहचान की। ओमपाल की हत्या कर शव गंगनहर में फेंका गया था। पुलिस ने आठ लोगों के विरुद्ध अपहरण, हत्या एवं शव छिपाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
विज्ञापन

वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी चौकीदार गांव औरंगपुर बसंता निवासी ओमपाल का सड़ा-गला शव रविवार को सीतावाली गंगनहर से मिला। परिजनों ने हाथ पर चोट एवं अंडरवियर से ओमपाल की पहचान की। ओमपाल नौ अगस्त की शाम से लापता था। पत्नी सुनीता ने संतराम पर उसे साथ ले जाने की तहरीर दी थी। पुलिस ने संतराम के न मिलने पर उसके भाई ऋषिपाल को पकड़कर पूछताछ की थी। ऋषिपाल ने वन विभाग से लकड़ी लाते देखने तथा कार्रवाई की बात कहने पर ओमपाल को चंदक हेड के निकट संतराम के साथ उसे देखे जाने तथा कुछ दूरी पर चीख आदि की आवाज सुनने की बात स्वीकारी थी। पुलिस ने ओमपाल की हत्या कर शव नहर में फेंकने की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश कराई थी, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया था। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने संतराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दो आरोपी ऋषि एवं रोहित पहले ही जेल जा चुके हैं। मंडावली पुलिस ने आठ लोगों के विरुद्ध हत्या, अपहरण एवं शव छिपाने की धारा में मामला दर्ज किया है। नामजद हत्यारोपियों में पुलिस को राजकुमार, गौतम, भूरा, वाजिद एवं शाहिद की तलाश है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें