बिजनौर। शुकरो नदी पर खनन को लेकर माफिया में खूनी जंग छिड़ गई। माफिया के एक पक्ष ने खनन करने गई दूसरी टीम पर रॉड, सरिया से हमला कर दिया और तमंचाें से कई फायर किए। इस हमले में मंडावर के भट्ठा स्वामी व सपा नेता मो. जावेद घायल हो गया।
जिले में खनन पर रोक लगी हुई है, इसके बाद भी जमकर अवैध खनन हो रहा है। सत्तापक्ष के नेता तक खनन कराने में लगे हुए हैं। रविवार की शाम करीब पांच बजे नगर पंचायत मंडावर के चेयरमैन मो. आसिफ उर्फ शान के भाई जावेद भट्टे वाले, अरुण कबाड़ी, चीनू समेत चार पांच लोग नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित शुकरो नदी के अंदर खनन कराने के लिए गए थे। जावेद पक्ष का दावा था कि उनके पास खनन के पट्टे हैं। इस बात का पता जब सपा नेता व नजीबाबाद के ब्लॉक प्रमुख अबरार आलम, उनके साथी धमेंद्र कुमार यादव आदि को पता चला तो वे इस बात पर बिगड़ गए। अबरार पक्ष ने दूसरे पक्ष को खनन नहीं करने की नसीहत दी। दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिये समस्या का समाधान करने की बात कही। बड़िया के पास एक रेस्टोरेंट पर जावेद पक्ष ने अबरार पक्ष को बुला लिया। चार-पांच गाड़ियों में भरकर ये लोग रेस्टोरेंट के पास पहुंचे। गाड़ियों से रॉड, डंडे व सरिये निकालकर जावेद पक्ष से भिड़ गए। जावेद अहमद को रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया तथा धमकी दी कि कोई भी खनन करने पहुंचा तो उसका बुरा हाल होगा। हमला होते ही रेस्टोरेंट के पास भगदड़ मच गई। हमलावर तमंचों से फायर करते हुए गाड़ियों में सवार होेकर भाग निकले। जावेद अहमद को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि उनके अन्य साथी भाग निकले। जावेद पर हमले की सूचना पर बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रुचिवीरा समेत तमाम सपा नेता जिला अस्पताल पहुंचे तथा जावेद का हाल चाल जाना।
आखिर किसने जारी किये खनन के पट्टे
जिले में खनन पर रोक लगी हुई है। इसके बाद भी अवैध खनन हो रहा है। खनन पर रोक के बाद खनन के लिए पट्टे प्रशासन कैसे दे रहा है। यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। रविवार को हुई जंग के पीछे भी पट्टाें का खेल बताया जा रहा है। सपा नेता मोहम्मद जावेद का दावा है कि उनके नाम पट्टे है, जिन पर वे खनन करने गये थे। दूसरे पक्ष ं के पास कुछ नहीं है। एडीएम विनोद चौधरी ने इस बात से इनकार किया है कि किसी को खनन के पट्टे किये गये है। उन्होंने कहा कि कोई पट्टा किसी को भी नहीं दिया गया। खनन पर रोक लगी हुई है।
खनन से नहीं कोई वास्ता
ब्लॉक प्रमुख अबरार आलम का कहना है कि खनन को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। उनकी गाड़ी कोटद्वार की ओर से आ रही थी। नजीबाबाद की ओर से मोहम्मद जावेद अपने साथियों के साथ जा रहे थे। पुलिस चेकपोस्ट के पास दोनों की कारों में भिड़ंत हो गई। जिसमें दोनों पक्षों में विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। जावेद की कार में सवार व्यक्तियों ने उन पर गोली चलाई। अबरार ने बताया कि उनके खनन करने की बात गलत है। उनका खनन से कोई वास्ता नहीं है।