फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नम आंखों से किया करबला के शहीदों को याद

Sat, 31 May 2014 05:33 AM IST
Bijnor
विज्ञापन
विज्ञापन
नजीबाबाद। करबला के शहीदों और इमाम हुसैन की बेशकीमती कुर्बानी के जिक्र के साथ जोगीरम्पुरी का शमसुल हसन हॉल मातमी मजलिसों से गूंज रहा है। दूसरे दिन मातमी मजलिसों के साथ हजारों जायरीनों ने जुमे की नमाज अदा की।
विज्ञापन

मुश्किलकुशा मौला अली की कुर्बानियों के जिक्र के साथ जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर मातम में डूबा हुआ है। शुक्रवार को नौगांवा से आए मौलाना कुर्रतुल एन मुज्तबा ने हजारों जायरीनों को जुमे की नमाज अदा कराई। उन्होंने इमाम हुसैन की कुर्बानियों से सबक लेने, आमाल सुधारने की सलाह दी। नमाज से पूर्व एवं बाद में शमसुल हसन हॉल से मातमी मजलिसों को खिताब करते हुए उलेमा ने करबला के शहीदों की कुर्बानियों का जिक्र किया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मजाहिर अली लखनवी, मौलाना सैयद अब्बास रजा छोलसी, मौलाना वसी हसन फैजाबादी ने कहा कि मौला-ए-कायनात ने दीन और इस्लाम के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया। उधर, मौला अली के रोजे पर इबादतों के लिए जायरीन उमड़े। बच्चों सहित हर उम्र के जायरीनों ने बारगाह-ए-मौला में हाथ फैलाकर मन्नतें मांगी। सचिव विसाल मेहंदी के नेतृत्व में कमेटी सदस्यों ने जायरीनों के सामने आ रही परेशानियों को दूर करने में ताकत झोंक दी। प्रदेश के राज्यमंत्री महबूब अली ने शुक्रवार की शाम दरगाह की जियारत कर चादर चढ़ाई।
दीन के रहबरों के उसूलों को अपनाएं : कुर्रतुल एन मुज्तबा
फोटो: 30एनजेडबी2डी
शिया विद्वान कुर्रतुल एन मुज्तबा ने कहा पैगंबर और नबियों ने दुनिया को नेकी, इंसानियत और दीन को जिंदगी का मकसद बनाने की नेक हिदायत दी। सही जिंदगी जीने का यही तरीका है कि हम दीन के रहबरों के उसूलों एवं उनके द्वारा दी गई कुर्बानियों को जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
विज्ञापन

रसूल की जिंदगी से सबक लें : मौलाना अथर कासमी
फोटो: 30एनजेडबी2ई
मेरठ से आए मौलाना सैयद मो. अथर कासमी ने सीरत से रसूल मौजू से अपने खिताब में कहा कि जो लोग रसूल के किरदार को समझते हैं, दीनी और दुनियावी खिदमत को जिंदगी का मकसद बनाते हैं, उन पर नेमतें और बरकतें बरसती हैं।
इस्लाम ने दिया प्यार-मोहब्बत का पैगाम : एजाज गदीरी
फोटो: 30एनजेडबी2एफ
बनारस से आए शिया विद्वान एजाज गदीरी ने कहा कि इस्लाम दीन-ए-अमन है। इस्लाम ने हमेशा प्यार-मोहब्बत और अमन का संदेश दिया है। हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी जिंदगी दुनिया में अमनो-अमान और प्यार-मोहब्बत को कायम रखने में गुजार दी। नबी-ए-करीम ने रंग और नस्ल के भेद को मिटाने के लिए मिशन चलाया।
इस्लाम में आतंकवाद की जगह नहीं : शौजब काजिम
फोटो: 3एनजेडबी2जी
शिया विद्वान शौजब काजिम लखनवी ने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। इस्लाम का सीधा-सच्चा रास्ता है। जो लोग आतंकी सोच रखते हैं, उनका दीन और इस्लाम से कोई मतलब नहीं होता।
दरगाह सचिव ने संभाली कमान
फोटो: 30एनजेडबी6
नजीबाबाद। शिया समाज की विश्व प्रसिद्ध सालाना मजलिसों में जियारत के लिए आने वाले जायरीनों को भी डग्गामार वाहनों ने नहीं बख्शा। जायरीनों की शिकायत थी कि स्टेशन पर रोडवेज बसों के स्थान पर डग्गामार वाहन पुलिस की मदद से जायरीनों से मात्र आठ किलोमीटर की दूरी के 20 से 25 रुपये वसूल कर रहे हैं। सूचना मिलते ही दरगाह कमेटी के सचिव विसाल मेहंदी, कैसर अब्बास अच्छन, रईस अब्बास जक्कन, मोज्जिस अब्बास शब्लू, शामिक रजा एवं अली अब्बास ने पूरी रात स्टेशन पर रहकर लगभग 25 रोडवेज बसों के जरिये सैकड़ों जायरीनों को दरगाह पहुंचाया। उन्होंने अधिकांश रोडवेज बसों का किराया स्वयं वहन कर धर्म लाभ उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें