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सेंटर से नहीं लौटाया जाएगा रिजेक्टेड गन्ना

Sun, 02 Dec 2012 05:30 AM IST
Bijnor
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बिजनौर। जिले की चीनी मिलों ने अब रिजेक्टेड गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली या बुग्गी को वापस लौटाया तो मिलों की खैर नहीं होगी। सभी चीनी मिलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पिछले कई दिन से रिजेक्टेड गन्ने को लेकर मिल कर्मचारियों व किसानों के बीच क्रय केंद्र अखाड़ा बने हुए हैं।
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प्रदेश सरकार ने गत वर्ष रिजेक्टेड गन्ने के दाम अलग से घोषित किए गए थे। ये दाम सामान्य वैरायटी से पांच रुपये कम थे। ऐसा प्रतिबंधित वैरायटी के प्रति किसानों का मोह भंग करने के लिए किया गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। जिले में गन्ना विभाग की लापरवाही और किसानों में जागरूकता के अभाव के कारण रिजेक्ट गन्ने का रकबा 9324 हेक्टेयर है, जो कुल रकबे का चार प्रतिशत है। चांदपुर व बरकातपुर चीनी मिल में 20 प्रतिशत गन्ना रिजेेक्टेड है।
गन्ना विभाग द्वारा बनाए गए नियमों में रिजेक्टेड गन्ने की सप्लाई देरी से करने का प्रावधान है। गन्ना विभाग के अफसरों का दावा है कि रिजेक्टेड वैरायटी का गन्ना देर से परिपक्व होता है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह का तर्क है कि मिल 20 दिन देरी से चली है और गन्ना परिपक्व हो चुका है, इसके बावजूद मिल रिजेक्टेड गन्ना लेने में आनाकानी कर रही है। किसानों को गन्ना विभाग अच्छा बीच उपलब्ध नहीं कराता है, इसलिए वे परंपरागत वैरायटी बोते हैं। उधर, मिल व किसानों के बीच उपजे विवाद को लेकर डीएम ने सभी चीनी मिलों को रिजेक्टेड गन्ने से लदी बुग्गी या ट्राली को वापस नहीं लौटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी संजय गुप्ता के अनुसार डीएम के साथ हुई बैठक में डीएम ने कहा है कि क्रय केंद्र से किसानों की ट्राली नहीं लौटाई जाए। सामान्य पर्ची पर ही रिजेक्टेड गन्ना डालकर गन्ना तौल लिया जाए।
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