बिजनौर। बारिश कम, दिन में धूप और रात में ठंड । मौसम के वर्तमान मिजाज ने इस बार गन्ने की मिठास बढ़ा दी है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार गन्ने में चीनी परता अधिक निकल रहा है। अब तक चली जिले की नौ में से छह शुगर मिलों के नतीजे तो यही बता रहे हैं। शुरूआती दौर में चीनी परता अच्छा होने से शुगर मिलों को राहत मिलती नजर आ रही है।
जिले में नौ शुगर मिलें हैं, इनमें से धामपुर, स्योहारा, नजीबाबाद, बुदंकी, अफजलगढ़ और बिलाई शुगर मिल ने अपने चक्के घुमा दिए हैं। बिजनौर, चांदपुर और बरकातपुर शुगर मिलें अभी तक चालू नहीं हो सकी है। खास बात यह है कि गन्ने की पेराई शुरू करने वाली शुगर मिलों में चीनी परता के आंकड़े मिल प्रबंधन के लिए सुखद हैं। इस बार रिकवरी औसतन नौ प्रतिशत से ऊपर है। गत वर्ष इन दिनों में रिकवरी 8.25 से 8.40 प्रतिशत के बीच थी, जबकि इस बार औसतन रिकवरी नौ प्रतिशत से अधिक है।
गन्ना विभाग के मुताबिक धामपुर शुगर मिल में करीब 9.20 प्रतिशत, बुंदकी मिल में 9.30 प्रतिशत, स्योहारा में 8.80 प्रतिशत, नजीबाबाद में 8.35 प्रतितश अफजलगढ़ में नौ प्रतिशत और बिलाई में नौ प्रतिशत रिकवरी है। रिकवरी बढ़ने की वजह बारिश कम होना माना जा रहा है। बारिश कम होने से गन्ना परिपक्व हो गया है। बारिश होने या फिर खेत में पानी होने से गन्ने की ग्रोथ लगातार बढ़ती रहती है और गन्ने में पानी की मात्रा भी बढ़ जाती है।
जिला गन्ना अधिकारी संजय गुप्ता के अनुसार दिन के समय धूप निकलने और रात के समय ठंड होने से भी गन्ने में मिठास बढ़ी है। यह मौसम गन्ने में रिकवरी के लिए ठीक माना जाता है। इसके अतिरिक्त बारिश कम होने से गन्ना इस बार गिरा भी नहीं है। डीसीओ का कहा कि इस बार उम्मीद की जा रही है कि रिकवरी अच्छी रहेगी।