चांदपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से दर्ज शिकायतों का निस्तारण शीघ्र और पारदर्शिता के साथ किए जाने के निर्देश दिए। करीब 93 शिकायतें दर्ज की गईं। मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अटल कुमार राय, एसपी प्रभाकर चौधरी ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। बास्टा के कौसर आदिल ने गांव बास्टा पंचायत की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
अपनी शिकायत में कहा कि गांव अहरौला रोड पर करीब 50-60 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत का पंचायती भवन था। इसके कुछ भूखंड में एक सार्वजनिक जच्चा बच्चा केंद्र का निर्माण करीब 20 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया गया था। केंद्र के पूर्व में कुछ स्थान खाली पड़ा है।
इसके कुछ भाग में गांव के ही एक व्यक्ति ने दुकान का निर्माण कर लिया है। राष्ट्रीय युवा एवं ग्रामीण विकास समिति के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, राजीव गर्ग, ऋषि कुमार रवि, राजवीर सिंह, सुधीर कुमार अग्रवाल, इंतजार जैदी एडवोकेट आदि ने तहसील परिसर में शौचालय बनवाने, सीओ ऑफिस के सामने लगे इंडियन मार्का नल का पानी खराब होने के कारण रिबोर कराने आदि की मांग की। इस दौरान सीएमओ, एसडीएम शिशिर कुमार सहित विभागीय अधिकारियों मौजूद रहे।
उधर, धामपुर में तहसील के सभाकक्ष समाधान दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 32 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम आजाद भगत सिंह ने अधिकारियों से सरकार की मंशा के अनुरूप में निष्पक्षता के साथ शिकायतों का निदान करने के निर्देश दिए। शिकायत राजस्व विभाग , विद्युत विकास विभाग की रही। संचालन तहसीलदार भान सिंह ने किया।
फरियादियों ने सुनाई आपबीती
नजीबाबाद । संपूूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों ने जन शिकायतों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया। मंगलवार सुबह ड्वाकरा हॉल में संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम एसके सिंह, तहसीलदार सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार चंद्रकांत त्रिपाठी ने शिकायतों की सुनवाई की।
विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार ने मंडावली थाने के सिपाही मनोज पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कार्यों की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। ग्राम दाउदपुर नन्हेड़ा निवासी फैजान अहमद ने ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार संबंधी गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की। फैजान का आरोप है कि गांव में बने इज्जतघर मानक के अनुरूप नहीं बने हैं। गांव की सड़कें और विद्युत व्यवस्था बदहाल है। आरोप है कि गांव के विकास के लिए लाखों रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है, लेकिन कहीं भी विकास नजर नहीं आ रहा। शिकायत करने वाले ग्रामीणों में मो. नदीम, अबरार, नूर अली, मो. साजिद, तासीर अहमद आदि शामिल रहे। ब्यूरो