इस बार गन्ना सर्वे में हिस्सा लेंगी चीनी मिलें
बिजनौर। जिले की चीनी मिलें इस बार गन्ना सर्वे में हिस्सा लेंगी। पिछले साल जिले की चीनी मिलों ने नुकसान का हवाला देते हुए गन्ना सर्वे करने से हाथ खड़े कर दिए थे। केवल दो चीनी मिलों बिलाई व सहकारी क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल ने ही सर्वे किया था। सरकार द्वारा मिलों को मंदी से उबारने के लिए तमाम कोशिश के बदले में चीनी मिलों ने सर्वे का फैसला किया है।
चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त होते के साथ ही अगले पेराई सत्र से जुड़ी तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें प्रमुख कार्य होता है गन्ना रकबे के सर्वे का। चीनी मिल व समितियों के कर्मचारी मिलकर गन्ना सर्वे करते हैं। देखते हैं कि किस किसान पर गन्ना कितने रकबे में है। इस रकबे में कितनी जमीन में पौधा व कितनी में पैड़ी है। यह सब आंकड़े सर्वे में दर्ज किए जाते हैं। रकबे के आधार पर ही चीनी मिलों को चलाने की तिथि, गन्ना कैलेंडर आदि तैयार किया जाता है। पिछले साल चीनी की कम कीमतों के चलते मिलों की हालत खस्ता थी। मिलों पर दबाव बनाने पर पिछले साल इस्मा(इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन) ने सर्वे कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। उनकी यह घोषणा सरकार पर दबाव बनाने के लिए की गई थी। तब गन्ना विभाग ने सहकारी समिति कर्मचारियों से ही सर्वे कराया था। जिले की केवल दो चीनी मिलों ने ही सर्वे किया था। नजीबाबाद चीनी मिल सहकारी क्षेत्र की है। उसका सर्वे में शामिल होना तय था। इसके अलावा बिलाई चीनी मिल ने भी गन्ना सर्वे किया है। बिलाई चीनी मिल इस्मा की सदस्य नहीं है। इस साल की स्थिति बदली है। किसानों का गन्ना भुगतान करने के लिए सरकार ने चीनी मिलों को एक बार सॉफ्ट लोन व एक बार सामान्य लोन दिया है। इसके अलावा चीनी के न्यूनतम दाम भी 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। साथ ही गन्ने के रस से एथनॉल बनाने पर भी सरकार ध्यान दे रही है। इससे चीनी मिलों को बहुत राहत मिली है। इसके चलते इस साल चीनी मिल गन्ना सर्वे के लिए तैयार हो गई हैं। मिलों ने अफसरों के साथ बैठक में भी सर्वे के लिए हामी भर दी है।
यह होगा सर्वेक्षण शेड्यूल
शासन ने गन्ना सर्वे के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। सर्वेक्षण कार्य पांच मई से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। किसानों को गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में घोषणापत्र देना होगा। घोषणापत्र देने वाले का मिल से सट्टा नहीं होगा। घोषणा पत्र के साथ किसान को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक की पासबुक की फोटो कॉपी व जनसुविधा केंद्र से प्राप्त राजस्व खतौनी देनी होगी। गन्ना सर्वे जीपीएस से होगा।
2018-19 का गन्ना सर्वे
चीनी मिल पौधा पैड़ी कुल रकबा
बिजनौर 4175 3930 8105
धामपुर 23518 21605 45123
स्योहारा 12935 11885 24820
नजीबाबाद 8854 8248 1702
बुंदकी 13818 14145 27963
चांदपुर 7578 7863 15441
बिलाई 11389 11592 22981
बरकातपुर 12890 12542 25432
बहादरपुर 14071 14317 28388
कुल 109228 106127 215355
नोट:- रकबा प्रति हेक्टेयर में है। ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
करेंगे पूरा सहयोग
बिजनौर चीनी मिल के जीएम इसरार अहमद के अनुसार जल्दी ही सर्वे शुरू कराया जाएगा। सर्वे के कार्य में पूरा सहयोग किया जाएगा।
जल्दी होगा सर्वेक्षण
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह के अनुसार मिल जल्दी ही सर्वेक्षण कार्य शुरू करेगी।
कराएंगे सर्वेक्षण
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार चीनी मिल ने पिछले साल भी गन्ना सर्वेक्षण कराया था। इस साल भी सर्वेक्षण कराया जाएगा।