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इस बार उतरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा होलिका दहन

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इस बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा होलिका दहन
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बिजनौर। इस बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होगा। कर्मकांडी विद्वानों के अनुसार बुधवार की रात करीब 08:58 बजे तक भद्रा का साया रहेगा। भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है, इसलिए होलिका दहन रात करीब 12:26 बजे किया जाए तो यह सभी के लिए मंगलकारी रहेगा। लगभग सात साल बाद सिद्धप्रद योग बन रहा है। इसलिए यह साल सभी लोगों के लिए मंगलकारी रहेगा।
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पंडित ललित शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह 20 मार्च को है। ज्योतिष के अनुसार सात साल बाद होली पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। होलिका दहन 20 मार्च की रात में होगा, जबकि दुलहैंडी 21 मार्च को मनाई जाएगी। होलिका दहन इस बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में है। यह शुक्र का नक्षत्र है जो जीवन में उत्सव, हर्ष, आमोद-प्रमोद, ऐश्वर्य का प्रतीक है। होलिका दहन में जौ और गेहूं के पौधे डालते हैं। फिर शरीर में उबटन लगाकर उसके अंश भी डालते हैं। ऐसा करने से जीवन में अरोग्यता और सुख-समृद्धि आती है। बताते हैं कि इस बार होलिका दहन पर दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इन संयोगों के बनने से कई अनिष्ट दूर होंगे। लगभग सात वर्ष के बाद यह देवगुरु बृहस्पति के उच्च प्रभाव में गुरुवार को दुल्हैंडी मनेगी। इससे मान-सम्मान व पारिवारिक सुख की प्राप्ति होगी। डबराल ज्योतिष केंद्र प्रभारी प्रभुदत्त डबराल, पंडित आदेश शर्मा के अनुसार 20 मार्च की सुबह 10:45 बजे से रात 08 बजे तक भद्रा काल रहेगा। इस समय कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित रहता है।
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पूर्णिमा तिथि
आरंभ 10:44 बजे (20 मार्च)
समाप्त 07:12 बजे (21 मार्च)
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