बंदी की उपचार के दौरान मेरठ मेडिकल में मौत
बिजनौर। एक बंदी की मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी पत्नी ने डीएम से मिलकर जेल प्रशासन पर पति के उत्पीड़न व मारने का आरोप लगाया है। मामले में कार्रवाई की मांग की है।
थाना किरतपुर के गांव फजलपुर निवासी देवराज जिला कारागार में बंद था। एक सप्ताह से उसकी हालत खराब थी। उसे पहले जिला अस्पताल व बाद में मेरठ भर्ती कराया गया। मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। देवराज की पत्नी उषा देवी ने डीएम अटल कुमार राय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका पति गांव मौजीपुर धर्मा में एक क्रेशर पर मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी पुत्रवधू संगीता के मरने पर उसके पिता रामपाल ने देवराज के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 19 जनवरी 2019 को उसके पति का चालान किया था। आरोप लगाया कि उसके पति से कारागार में ज्यादा वजन उठाने का काम जबरन कराया गया। वजन न उठाने पर जेल कर्मियों ने उसके पति को लात मारी, जिससे उसकी हालत खराब रहने लगी। उसके पति को मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया था। वहां जेलकर्मियों ने उसके पति के इलाज के नाम पर उससे 20 हजार रुपये लिए व दवाई भी उनसे ही मंगवाई। आरोप लगाया कि चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की व आंत के आपरेशन के लिए उसके पति का पेट चीरकर रखा। ऊषा ने बताया कि मारपीट से उसके पति की आंत फटने व इलाज में लापरवाही से उसके पति की मौत हुई है। कहा कि उसके पति को जेल प्रशासन ने मारा है। इस मामले में कार्रवाई कराने की मांग की है। जेलर आकाश शर्मा के अनुसार देवराज के पेट में दर्द था व उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसका पूरा उपचार कराया गया था। मारपीट व उत्पीड़न के आरोप गलत हैं।