जिले में 45 प्रतिशत किसानों को मिला नए साल का भुगतान
बिजनौर। चुनावी सीजन में किसानों के आंदोलन व प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है। वर्तमान पेराई सत्र में चीनी के दाम अच्छे न होने के बाद भी जिले में 45 प्रतिशत से ज्यादा किसानों का कुछ न कुछ भुगतान चीनी मिलों ने भेज दिया है। चीनी मिल इस साल में अब तक 34 प्रतिशत से ज्यादा गन्ना भुगतान की चुकी हैं। यह स्थिति भी 31 दिसंबर तक की है। इसके बाद भी चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान किया है।
गन्ना भुगतान जिले में इस समय सबसे बड़ा मुद्दा है। गन्ना भुगतान को लेकर जिले में रोज धरना प्रदर्शन हो रहे हैं। जिले में तीन लाख पांच से ज्यादा किसान नौ चीनी मिलों में गन्ना बेचते हैं। किसानों को दो चीनी मिल चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल का पिछले साल का करीब 60 करोड़ का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके बाद भी नए पेराई सत्र में गन्ना भुगतान में तेजी दिख रही है। जिले की चीनी मिलों ने 31 दिसंबर तक वर्तमान पेराई सत्र का 224 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान कुल किसानों में से 45.77 प्रतिशत को मिला है। जिले की चीनी मिलों ने 31 दिसंबर तक वर्तमान पेराई सत्र में खरीदे गए कुल गन्ने में से 34 प्रतिशत से अधिक का भुगतान कर दिया है। दिसंबर के बाद भी काफी भुगतान किसानों के खातों में जा चुका है। यहां तक कि पिछले साल का भुगतान न करने वाली बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल ने भी भुगतान किया है।
चीनी मिल किसान भुगतानित किसान प्रतिशत बकाया भुगतान प्रतिशत
धामपुर 73643 44185 60 13357.42 6287.46 47.07
स्योहारा 65485 30626 46.79 8449.06 3376.39 39.96
बिलाई 32351 00 00 11056.33 00 00
बहादरपुर 27245 25137 92.26 6704.08 4874.99 72.72
बरकातपुर 23948 4789 20 6708 1040.59 15.51
बुंदकी 38514 37484 97.33 6670.35 4915.82 73.70
चांदपुर 17859 00 00 2255.96 00 00
बिजनौर 9381 00 00 1134 00 00
नजीबाबाद 16728 15997 95.63 3072.20 1985.47 64.63
कुल 305127 158218 45.77 59407 22480.72 34.84
नोट: ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं और 31 दिसंबर तक के हैं। 31 दिसंबर के बाद भी चीनी मिलों ने काफी भुगतान किया है। बिलाई, चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल ने भी भुगतान किया है।
आंदोलन के बाद जल्दी मिलता है भुगतान
जिले में किसानों का भुगतान प्रशासनिक व मिल अफसरों के गले की फांस बन गया है। मिल समय से भुगतान देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसान भी आंदोलन करने को मजबूर हैं। किसानों का आंदोलन होने पर दबाव बनने पर मिलें भुगतान करने में तेजी दिखाती हैं।
कर रहे कड़ी कार्रवाई
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार भुगतान कराने के लिए मिलों पर पूरा दबाव बना रखा है। वेव ग्रुप के मालिकों पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। भुगतान कराना शासन की प्राथमिकता है। जो भी चीनी मिल भुगतान करने में आनाकानी करेगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।