चयनित शिक्षिकाओं ने लॉक किए स्कूल
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिले के प्राइमरी स्कूलों में 775 शिक्षकों की तैनाती के लिए मंगलवार को स्कूल लॉक किए गए। करीब 400 शिक्षिकाओं ने विकल्प पत्र के माध्यम से स्कूल लॉक किए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के अलावा शिक्षा विभाग के कई अधिकारी दिन भर राजकीय इंटर कॉलेज में ही जमे रहे। विकल्प पत्र भरने से पहले कॉलेज पर रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची भी चस्पा की गई।
मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में चयनित शिक्षिकाओं ने नियुक्ति के लिए विकल्प पत्र भरे। सुबह से ही कॉलेज में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, बीएसए महेश चंद्र, बीईओ शिव कुमार, अजय कुमार, सुभाष चंद्र सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों की देखरेख में विकल्प पत्र भरने का काम शुरू हुआ। इससे पहले कॉलेज की दीवार पर जिले के रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची, उनके कोड की सूची की गई। विकल्प पत्र केवल शिक्षिकाओं के भरे जाने थे। सूची में नाम आने से शिक्षिका खुशी थी। लेकिन स्कूल लॉक करने के दौरान जिला मुख्यालय के आसपास स्कूल नहीं होने से चेहरों पर चिंता की लकीर साफ दिखाई दी। दोपहर करीब दो बजे तक कार्रवाई ठीक ठाक चलती रही। इसके बाद मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर ब्लॉक के स्कूल लॉक होने की सूचना से शिक्षक परेशान दिखाई दिए।
हेराफेरी के आरोप से जमकर हुआ हंगामा
बिजनौर। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के ऑफिस में शिक्षिका विकल्प पत्र जमा कर रही थीं और बाहर हंगामा हो गया। शिक्षिकाओं का कहना था कि स्कूल लॉक करने में हेराफेरी की जा रही है। पहले जो स्कूल उन्हें बताए गए बाद में जब उनका नंबर आया तो उन स्कूलों को लॉक बता दिया। मुजफ्फरनगर, शामली जनपद के कई व्यक्तियों ने एक लिपिक का घेराव कर खूब खरी खोटी सुनाई। इन लोगों का कहना था कि लिपिक बार-बार चयन समिति के कक्ष में जाता तथा बाहर आ कर स्कूल बता कर चला जाता। लिपिक की हरकत से शिक्षिका और उनके परिजन परेशान हो गए। मौके पर पुलिस के आने पर मामला शांत हुआ।
दूसरे जनपदों के अभ्यर्थियों की है भरमार
जिले के स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती में दूसरे जिले के अभ्यर्थियों की भरमार है। जनपद मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपत जिले के अभ्यर्थी काफी संख्या में बताए जाते हैं। दूसरे जिले के अभ्यर्थी आने से जिले के शिक्षामित्रों पर इसका असर पड़ेगा। 775 पदों पर जिले के करीब 150 ही शिक्षामित्र बताए जाते हैं। सामान्य बीटीसी के पद अधिक हैं। पहले भी दूसरे जिले के अभ्यर्थी काफी संख्या में जिले में तैनात हुए थे।
हल्दौर, देवमल के लिए रही आपाधापी
शिक्षक भर्ती के लिए स्कूल लॉक होने के मामले में जिला मुख्यालय से लगे विकास क्षेत्र मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर ब्लॉक शिक्षकों की पहली पसंद रहे। तीसरे नंबर पर विकास क्षेत्र किरतपुर रहा। जनपद मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपद क्षेत्र से आने वाली शिक्षिकाओं की पसंद मोहम्मदपुर देवमल रहा। मोहम्मदपुर देवमल के आसपास के स्कूल सुबह के समय ही लॉक हो गए। जबकि दूसरे नंबर पर हल्दौर ब्लॉक भी शिक्षिकाओं की पसंद रही।
पुरुष शिक्षकों की रोस्टर से होगी तैनाती
जिला मुख्यालय के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर के अधिकांश स्कूल लॉक होने से शिक्षामित्रों और पुरुष शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। शिक्षकों ने भी विकल्प पत्र के माध्यम से स्कूल आवंटन की मांग की थी। इस संदर्भ में शिक्षक सीडीओ से भी मिले थे। लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो शिक्षकों को स्कूल रोस्टर प्रणाली के माध्यम से दिए जाएंगे। दूसरी ओर, बीएसए महेश चंद्र ने मंगलवार को विकल्प पत्र जमा करने में पारदर्शिता बरते जाने की बात कही है।