किसान के परिवार को दिया जाए मुआवजा
अफजलगढ़। भाकियू कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को गांव रसूलाबाद में पहुंचे और किसान की मौत पर दुख प्रकट किया। पदाधिकारियोें ने कहा कि बैंक के दबाव में आकर विक्टर ने आत्महत्या की है। उन्होंने बैंक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शासन से किसान के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। कहा कि यदि किसान का कर्ज माफ नहीं किया गया तो आंदोलन होगा।
गौरतलब है कि 10 जुलाई की रात गांव रसूलाबाद निवासी विक्टर (42) पुत्र बलबीर ने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी। विक्टर के पिता बलवीर सिंह ने 2014 में पीएनबी से तीन लाख का फसली ऋण लिया था। दो साल पहले बलवीर सिंह की मौत हो गई थी। मंगलवार को पीएनबी के अधिकारी ऋण की वसूली करने विक्टर के घर गए थे। परिजनों ने बताया कि अधिकारियों ने हिदायत दी थी कि यदि उनके द्वारा ऋण जमा नहीं किया गया तो उन्हें जमीन को नीलाम कर कर्ज अदा किया जाएगा। इससे परेशान विक्टर ने आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार को भाकियू के मुख्तियार सिंह कार्यकर्ताओं के साथ विक्टर के घर पहुंचे और परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान रमेश चंद शेखावत आदि मौजूद रहे।
बैंक ने नहीं काटी किसान की आरसी : तहसीलदार
तहसीलदार भान सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई गई है। बैंक की ओर से किसान की आरसी नहीं काटी गई है। जो किसान आत्महत्या करता है, सरकार की ओर से उसे कुछ नहीं मिलता। केवल एकमुश्त समाधान योजना के तहत छूट देकर कर्जा जमा करने की छूट का प्राविधान है।