बिजनौर। भाजपा प्रत्याशी अवनी सिंह अपने पति लोकेंद्र चौहान की विरासत को नहीं बचा पाईं। चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी नईमुल हसन से वह मात खा गईं। सभी को उम्मीद थी कि अवनी सिंह अपने पति की विरासत को बचाने में कामयाब हो जाएंगी, पर चुनाव में ऐसा नहीं हुआ और क्षेत्र की जनता ने उन्हें नकार दिया।
लोकेंद्र चौहान की मौत के बाद परिवार में ही सियासत का खेल शुरू हो गया था। इसका खुलासा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लोकेंद्र चौहान के गांव आलमपुरी पहुंचने पर हुआ था। दोनों नेताओं से लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनी सिंह ने अलग से बात की थी। अपने दोनों बेटों व अपने भविष्य के लिए खुद टिकट मांगा था। लोकेेंद्र चौहान के बड़े भाई सीपी सिंह चाहते थे कि टिकट उन्हें मिले। भाजपा नेताओं ने भी पार्टी हाईकमान को अवनी सिंह के नाम पर मुहर लगा दी थी, तभी से अवनी सिंह का टिकट पक्का माना जा रहा था। सबको उम्मीद थी कि अवनी सिंह अपने पति लोकेंद्र सिंह की विरासत को बचाने में कामयाब होंगी और लोकेंद्र चौहान के घर का राजनीति वजूद कायम रहेगा। पर चुनाव में ऐसा नहीं हुआ। अवनी सिंह अपने पति की विरासत को बचाने में कामयाब नहीं हुईं। क्षेत्र की जनता ने उन्हें नकार दिया। यही वजह रही कि भाजपा से जुड़ा वोट भी नईमुल हसन की तरफ खिसक गया। लोकेंद्र चौहान की नूरपुर सीट पर जड़ें काफी मजबूत हो गई थीं। वह चुनाव के दौरान जानते थे कि उन्हें कब क्या दांव खेलना है। जो भी वे दांव खेलते थे उसमें कामयाबी मिलती थी। लोकेंद्र चौहान की तरह अवनी सिंह कोई ऐसा दांव नहीं खेल पाईं। इसी कारण उन्हें चुनाव में परास्त होना पड़ा।
नूरपुर चुनाव 2012
लोकेंद्र चौहान भाजपा 47229
मोहम्मद उस्मान बसपा 41917
कुतबुद्दीन सपा 34694
यशपाल सिंह रालोद 10509
अफजाल रालोमं 788
गौहर इकबाल महान दल 32099
जहीर अहमद रापद 828
धर्मेंद्र रालोनिपा 558
नपेंद्र रानिपा 498
निपेंद्र रामद 3171
प्रीतम सिंह लोकदल 1885
सैय्यद अली आरविपा 1658
नूरपुर विधानसभा चुनाव 2017
लोकेंद्र चौहान भाजपा 79172
नईमुल हसन सपा 66436
गौहर इकबाल बसपा 45902
योगेश कुमार रालोद 2172
महबूब पीस पार्टी 811
राजपाल असपा 308
विजयपाल सिंह महान दल 5338
अमित कुमार निर्दलीय 753
दिनेश कुमार निर्दलीय 376
रावेंद्र कुमार निर्दलीय 243
हरस्वरूप सिंह निर्दलीय 482
नोटा 1115