नजीबाबाद। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच जनपदों की विद्युत व्यवस्था निजी हाथों को सौंपने के विरोध में विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में विद्युत कर्मचारियों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों मेरठ और मुरादाबाद में विद्युत वितरण व्यवस्था निजी हाथों को सौंपने का विरोध किया। लेखाकार अनिल कुमार के संचालन में हुई धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि विभाग के निजीकरण का खामियाजा अधिकारी-कर्मचारी के साथ साथ जनता को भी भुगतना होगा। वर्तमान दरों के सापेक्ष विद्युत दरें अत्यधिक बढ़ जाएंगी।
प्रदर्शनकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना था कि जब राजस्व लक्ष्य प्राप्ति प्रतिमाह प्राप्त किया जा रहा है, तो ऐसे में निजीकरण का कोई औचित्य नहीं है। धरना सभा में विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन द्वारा निजीकरण की प्रक्रिया न रुकने तक रोजाना अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शनकारियों में संदीप कुमार, विजेंद्र मैंदोला, रविराज, भूपेंद्र कुमार, अलका, चारू, अनुपम, नरेश कुमार, नरोत्तम सिंह, सलीम, संदीप, रामबहादुर, सौरभ सहित कई कर्मचारी शामिल रहे।