मंडावर। शराब का ठेका बंद न होने पर गांव दयालवाला की महिलाओं के समर्थन में भाकियू भी उतर आई। भाकियू पदाधिकारियों के आने की सूचना पर सेल्समैन ठेके पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गया। भाकियू ने ठेके पर अपना ताला भी जड़ दिया है। किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान न चलने देने का ऐलान किया है।
गांव दयालवाला की महिलाओं ने गांव में खुले शराब के ठेके के खिलाफ बिगुल फूंक रखा है। महिलाओं का कहना है कि शराबी नशे में उत्पात करते हैं तथा छात्राओं व महिलाओं से छेड़खानी करते हैं। महिलाओं ने अगस्त में शराब के ठेके के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। आबकारी व एक्साइज विभाग के कर्मचारियों ने पांच सितंबर तक गांव से ठेका हटवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन ठेका नहीं हटाया गया। ठेका बंद कराने के लिए बुधवार को भाकियू ने भी महिलाओं को समर्थन दिया व एक धर्मशाला में बैठक की। भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में धर्मशाला में बैठक का पता चलने पर शराब के दुकानदारों ने मंडावर में काम करने वाले एक सेल्समैन को वहां भेजा। लेकिन किसानों ने सेल्समैन को पहचानकर उसे बैठक में बंधक बनाकर बैठा लिया। दो घंटे की बैठक के बाद किसान व महिलाएं दयालवाला के ठेके पर पहुंचे। तब तक ठेके पर काम करने वाला सेल्समैन ठेके को ताला लगाकर रफूचक्कर हो चुका था। भाकियू ने भी ठेके पर अपना ताला जड़ दिया है। भाकियू नेताओं का कहना है कि ठेका दूसरी जगह स्थानांतरित या पूरी तरह बंद न होने तक संगठन का ताला पड़ा रहेगा। अगर ठेके में किसी तरह का नुकसान होता तो इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। बैठक में महिलाओं सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
चेकिंग अभियान चलाया
मंडावर। एसओ जसवीर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार रात क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। पुलिस के चेकिंग अभियान से वाहन चालकों में खलबली मची रही।