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शराब की दुकान बंद कराने के लिए महिलाओं का हंगामा

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शराब की दुकान बंद कराने के लिए हंगामा
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नहटौर (बिजनौर)।
बंद शराब की दुकान को दोबारा चालू करने पर महिलाओं में नाराजगी फैल गई। महिलाओं ने विरोध जताने के लिए शराब की दुकान पर पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने रास्ते में ही उनको रोक दिया। इस पर महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस व महिलाओं की नोकझोंक भी हुई। महिलाएं पुलिस रवैये के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गईं। घंटों बाद महिलाएं दोबारा से रणनीति बनाने के लिए उठ कर चली गईं।
नहटौर मिलक लिंक मार्ग पर करीब बीस दिन पूर्व शराब की बिक्री शुरू की गई थी। महिलाओं व स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने पर गांव मिलक व आसपास के गांव की महिलाओं ने विरोध शुरू करते हुए शराब की दुकान को बंद कराने की मांग की थी। महिलाओं के विरोध को देखते हुए शराब की बिक्री बंद कर दी गई थी। करीब आठ दिन बाद शराब की दुकान को पुन: चालू करने के लिए आबकारी इंस्पेक्टर एमके सिंह व संजीव सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस सुरक्षा के बीच शराब की बिक्री शुरू कर दी गई। शराब की दुकान दोबारा से खुलने की सूचना पर गांव की महिलाओं ने पंचायत शुरू कर दी। पंचायत करने के बाद महिलाओं का समूह शराब की दुकान को बंद कराने के लिए चला। पुलिस ने महिलाओं को रास्ते में रोक दिया। इस पर महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। महिलाओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। महिला दुकान पर पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना देने की मांग पर अड़ी रहीं, लेकिन पुलिस ने जाने नहीं दिया। पुलिस के रोकने के बाद महिला सड़क पर बैठ गईं। पुलिस ने उन्हें कई बार उठाने की कोशिश की। आबकारी विभाग ने महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट कराने की चेतावनी भी दी। घंटों बाद महिलाएं दोबारा से विरोध करने की रणनीति बनाने के लिए उठकर चली गईं। महिलाओं के जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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शराब से नुकसान के प्रति लोगों को सचेत करना चाहती हैं महिलाएं
महिलाओं का कहना हैं कि वह शराब की दुकान के सामने शांतिपूर्ण ढंग से धरना देना चाहती हैं। वह लोगों को शराब से होने वाले नुकसान को बताना चाहती हैं। उनका मकसद जागरूक करना हैं, लेकिन पुलिस उनको बैठने नहीं दे रही हैं।
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पुलिस कर्मी करते रहे अशोभनीय टिप्पणी
महिलाओं व पुलिस के बीच नोकझोंक के दौरान कई सिपाहियों ने जिले स्तर के अधिकारियों व सरकारी प्रतिनिधियों के बारें में अशोभनीय टिप्पणी भी की। अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। उधर, महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस रजिस्टर लेकर महिलाओं के नाम पते पूछती रही, लेकिन किसी भी महिला ने अपना नाम नहीं बताया।
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