अपात्रों के खाते में भी पहुंचा किसान सम्मान योजना का पैसा
धामपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी किसान सम्मान योजना को सरकार के हुक्मरान ही पलीता लगा रहे हैं। जनपद में हजारों अपात्र किसानों के खाते में लाभांश की रकम पहुंचा दी गई। साथ ही जिस रफ्तार से अपात्रों के खाते में लाभांश की रकम डाली गई, उसी रफ्तार से उस रकम को वापस निकाल भी लिया गया। सरकार के आनन फानन में योजना को अमलीजामा पहनाने के आदेश से विभागीय अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। जिस वजह से अपात्रों को भी सूची में शामिल कर लिया गया।
कृषि विभाग में हजारों रजिस्टर्ड किसान ऐसे हैं, जिनके नाम एक बीघा भूमि भी नहीं है। सरकार की योजना के पहले और दूसरे चरण में जनपद के हजारों किसानों के खाते में जब रकम डाली गई तो उनके तमाम अपात्र भी शामिल थे। जिनके नाम कोई भूमि ही नहीं है। जब अपात्रों के खाते में रकम पहुंचने पर गांवों में शोरगुल मचा तो राजस्व और कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय अधिकारियों ने आनन फानन में सर्कुलर जारी कर अपात्रों के खाते में डाली गई रकम को वापस मंगा लिया। खाते में पहुंची किसान सम्मान योजन की रकम वापस होने के बाद अपात्रों की बेेचैनी बढ़ गई। वहीं, किसानों में यह अफवाह फैल गई कि सरकार अपात्रों को भी लाभ पहुंचा रही है। हालांकि सरकार की मंशा थी कि लोकसभा चुनाव से पहले ही किसानों के खाते में किसान सम्मान राशि पहुंचा दी जाए। लेकिन सरकार को यह इल्म नहीं था कि कृषि विभाग की जो सूची है, उसमें अपात्रों की संख्या ज्यादा है।
पात्रों के खाते में नहीं पहुंची रकम
गांव हरेवली के परवीन सिंह, जयपाल सिंह, रोशन सिंह आदि का है कि उनके नाम पांच एकड़ से कम भूमि है। सरकार की योजना का लाभ मिलना चाहिए था। लेकिन रकम खाते में आने के बाद वापस हो गई। जबकि गांव में कई ऐसे किसानों के खाते में रकम पहुंच गई, जो पूरी तरह से भूमिहीन हैं। आधार कार्ड और एकाउंट नंबर लिंक करने में विभागीय गड़बड़ झाला उजागर हुआ है। विभाग ने आनन फानन में किसान सम्मान योजना के खातों से गलत आधार और एकाउंट नंबर लिंक कर दिए। जिसकी वजह से पात्रों को रकम नहीं मिली। इनमें सैकड़ों पात्र किसानों के खाते ऐसे हैं जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ ज्वाइंट खुले हुए हैं।
शासन को भेजी ढाई लाख किसानों की सूची
डीडीओ जीपे चौधरी का कहना है कि जनपद में अपात्रों के कुल 915 केस पकड़ में आए हैं। जबकि कृषि विभाग ने दो लाख 61 हजार 115 पात्र किसानों की सूची शासन को भेजी है। जो सूची शासन को भेजी गई है वह लेेखपालों के आधार पर तैयार कर भेजी गई है। सूची का पुन:मूल्यांकन करा लिया गया था। अपात्र पाए गए 915 किसानों के खाते में शासन द्वारा भेजी गई दो हजार रुपये धनराशि भेज दी गई थी, जिसे वापस ले लिया गया है।
योजना से तहसील को कोई मतलब नहीं : तहसीलदार
तहसील भान सिंह का कहना है कि किसान सम्मान योजना से तहसील का कोई मतलब नहीं है। कृषि विभाग ने जिन पात्र किसान की सूची मांगी है विभाग उसे लेखपालों के माध्यम से देने का काम कर रहा है। पात्र किसानों ही फीडिंग कराई जा रही है। अपात्र किसानों के मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अपात्रों के खाते में गई रकम होगी वापस : जिला कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा का कहना है कि जिन अपात्रों के खाते में किसान सम्मान योजना की रकम गई है, उसे वापस लिया जा रहा है। कुछ खातों में लिस्ट में गड़बड़ी और आधार कार्ड, एकाउंट नंबर गलत होने की वजह से रकम चली गई थी। ऐसे अपात्रों की जांच की जा रही है। पात्र किसानों को ही योजना का लाभ दिलाया जाएगा।