बिजनौर। शासन सहकारी समितियों में बकाया वसूलयाबी को लेकर सख्त हो गया है। वसूलयाबी में खराब प्रगति दर्शाने वाली समितियों के एम.डी./सचिव को मौजूदा पदों से हटाया जाएगा। सहायक निबंधक (एआर) सहकारिता अमित त्यागी के अनुसार समितियों की साप्ताहिक वसूलयाबी की समीक्षा शुरू कर दी गई है। समिति ने इस साल रिकार्ड गेहूं खरीद की है।
सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी के अनुसार जिले में 96 सहकारी समिति हैं। इनके करीब डेढ़ लाख किसान सदस्य हैं। समितियां किसानों को खेती कार्य करने के लिए नगद एवं खाद और बीज आदि के रूप में ऋण देती हैं। कई सहकारी समितियों में मिनी बैंक संचालित हैं। समितियों का किसानों पर 350 करोड़ बकाया है। बड़े बकाएदार पर अधिकतम बकाएदार पर तीन लाख रुपये की देनदारी है। ज्यादातर बकाएदार एक लाख रुपये की सीमा के अंतर्गत हैं। सहकारिता विभाग ने बकाया वसूलयाबी अभियान चला रखा है। इसकी आखिरी तारीख 30 जून है। शासन ने बकाया वसूलयाबी पर कड़ा रुख अपनाया है। शासन शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कम वसूली के लिए समिति के एमडी/सचिव जिम्मेदार होंगे। उनको मौजूदा पदों से हटाकर अगली कार्रवाई होगी।
साप्ताहिक समीक्षा शुरू कर दी गई
शासन के निर्देशों के अनुपालन में समितिवार साप्ताहिक समीक्षा शुरू कर दी गई है। एआर के मुताबिक सहकारी समितियों में इस साल 36 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए थे। शासन से 45 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य था। इसके विपरीत 3662 किसानों से एक लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, जबकि पिछले साल कुल 33 हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीदारी हुई थी।