बिजनौर। जिले की नदियों को जनसहभागिता से निर्मल बनाने का जल क्रांति अभियान शुरू हो गया है। गंगा की तर्ज पर अब मालन नदी को निर्मल बनाने की बारी है। मालन को निर्मल बनाने का काम 19 अप्रैल से शुरू होगा। प्रशासन और भाकियू के करीब 750 लोग मालन निर्मल अभियान में श्रमदान करेंगे।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले की नदियों को निर्मल बनाने के लिए सामाजिक संगठन आगे आए हैं। भाकियू ने मालन नदी को गोद लिया है। भाकियू मालन को गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए 19 अप्रैल से सफाई अभियान शुरू करेगी। प्रशासन का भी अभियान में सहयोग रहेगा। लालवाला से मंडावर तक करीब 35 किलोमीटर लंबी मालन की साफ सफाई होगी। मालन मंडावर से आगे कई गांवों से होती हुई गंगा में मिल जाती है।
मालन की गंदगी से गंगा प्रदूषित हो रही थी। मालन सफाई अभियान में जिले के 150 सफाईकर्मी लगाए गए हैं। नगरपालिका नजीबाबाद, किरतपुर, नगरपंचायत साहनपुर व जलालाबाद की जेसीबी और ट्रैक्टर लगाए गए हैं। मालन नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों के ग्रामीण सफाई में सहभागिता करेंगे। भाकियू जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार यूनियन कई दिन से प्रचार प्रसार में लगी है। जिले से करीब 600 किसान 19 अप्रैल को मालन की सफाई में हाथ बंटाने के लिए आएंगे। सीडीओ, भाकियू जिलाध्यक्ष ने लोगों से सहयोग की अपील की है।