बढ़ापुर। बढ़ापुर रेंज के पाखरो सेक्शन के आरक्षित वन क्षेत्र में जंगली हाथी के कटे अंग जंगल में मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। वन विभाग ने जंगल में रात की गश्त बढ़ा दी है। पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथी के अवशेषों का पोस्टमार्टम किया है। बीट के वन रक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस में तहरीर दी है। सोमवार को डीएफओ नजीबाबाद उदयवीर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को टीमें बनाकर जंगल में तेजी के साथ रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
नजीबाबाद वन विभाग के अंतर्गत आने वाली बढ़ापुर वन रेंज के पाखरो सेक्शन के कंपाट संख्या 11 में रविवार की शाम जंगली हाथी के अवशेष पड़े मिले थे। हाथी को मार कर उसके कीमती दांत निकाल लिए थे। सोमवार रात वन डिविजन के एसडीओ अखिलेश मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया था। पशु चिकित्सकों की टीम में शामिल डा. अशोक कुमार, डा रवींद्र कुमार व डा कौशल किशोर ने जंगली हाथी के मिले अवशेषों पोस्टमार्टम किया। सोमवार सुबह डीएफओ नजीबाबाद उदयवीर सिंह ने घटना का निरीक्षण किया और बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली को जंगल में कई टीमें गठित कर रात में गश्त बढ़ाने और घने जंगलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। डीएफओ ने इस मामले का अतिशीघ्र पर्दाफाश कर देने की बात कही है। बढ़ापुर रेंज के कंपाट संख्या 11 रामजीवाला के बीट प्रभारी वन रक्षक अमित बड़ौला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का तहरीर दी है। वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली का कहना है कि बढ़ापुर रेंज के जिस कंपाट में हाथी के अवशेष मिले हैं, वह जंगल उत्तराखंड राज्य के जंगल से सटा है। पूरी घटना की गहनता से जांच कराई जा रही है।