बिजनौर। अब एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खाते वाले किसानों का कर्ज माफ होगा। इसके लिए किसानों का सर्वे शुरू हो गया है। जिन किसानों ने काफी समय से पैसा जमा नहीं किया है, उनका कर्ज माफ किया जाएगा। इस योजना में केवल जिला सहकारी बैंक से ही ऋण लेने वाले किसानों का कर्ज माफ होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई किसान ऋण मोचन योजना का जिले को भी बहुत लाभ मिला है। अब तक जिले के 72 हजार 562 किसानों का 469 करोड़ 70 लाख रुपये का ऋण माफ हो चुका है। यह ऋण किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया था। प्रदेश सरकार द्वारा अब एनपीए खाते वाले किसानों के ऋण माफ करने की तैयारी की जा रही है। इसमें उन किसानों का ऋण माफ किया जाएगा जिन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर काफी समय पहले ऋण लिया था और बाद में जमा नहीं किया। इस योजना में फिलहाल केवल जिला सहकारी बैंक से जुड़े किसानों को ही शामिल किया जा रहा है। जिला सहकारी बैंक के 18 हजार 271 किसान एनपीए खाते वाले हैं। इन पर 26 करोड़ 85 लाख रुपये का ऋण है। इस योजना में किसानों की पात्रता का सर्वे शुरू हो गया है।
ऐसे होगा ऋण माफ
किसान को एक लाख रुपये तक की राशि पर ही ऋण माफी का लाभ दिया जाएगा। माफ होने वाली राशि में से 25 प्रतिशत राशि पहले किसान द्वारा बैंक में जमा की जाएगी। इसके बाद ही उसके खाते में सरकार द्वारा पैसा भेजा जाएगा। जो किसान 25 प्रतिशत रुपये जमा नहीं करेंगे, उनको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अगर किसान पर एक लाख से अधिक का ऋण है तो बैंक व किसान एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत एक निश्चित राशि पर समझौता कर वो भी जमा करेंगे। इससे किसान पर कर्ज का बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
ये होगी पात्रता
-किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
-किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
-किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
-खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
-25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।
जिला ऋण मोचन योजना के जिले के नोडल अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार एनपीए खातों का सर्वे शुरू हो गया है। पात्रों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।