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गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव पर नतमस्तक हुए श्रद्घालु

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नजीबाबाद । सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। गुरुद्वारों में सजे विशेष दीवान में श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक हुए।
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गुरुद्वारा नानकशाही गुरु सिंह सभा में अखंड पाठ के समापन पर विशेष दीवान सजे। गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब से आए ज्ञानी हरभजन सिंह और साथियों एवं हुजूरी रागी जत्थे में भाई कल्याण सिंह ने शबद कीर्तन का गायन किया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी उपकार सिंह ने बताया कि वर्ष 1469 में कार्तिक पूर्णिमा पर गुरु नानक देव पिता कल्याण दास और माता तृप्ता के घर अवतरित हुए थे। ज्ञानी उपकार सिंह ने गुरुनानक के आदर्शों को आत्मसात करने की सलाह दी। अनंद साहिब के पाठ उपरांत कार्यक्रम के समापन पर निशान साहिब के चोले की सेवा के लिए इंद्रजीत सिंह सोबती और प्रिंस, प्रभातफेरी की सेवा के लिए बलविंदर सिंह, गुरपाल सिंह, सुरजीत सिंह, बलविंदर कौर, चंचल सिंह, नीरज बजाज को सिरोपा भेंट किया गया। प्रधान नरेंद्र सिंह और सचिव हरेंद्र सिंह की देखरेख में दीवान की समाप्ति पर लंगर वरताया गया। उधर, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सुभाषनगर में ज्ञानी तेजपाल सिंह, सुुखदेव सिंह ने सुखमनी साहिब का पाठ किया। विशेष दीवान की समाप्ति पर लंगर में प्रसाद वितरित हुआ। उधर, बड़िया, जट्टीवाला, रूद्रपुर, कंडरावाला, लालवाला, ताहरपुर, भुड्डी आदि गांवों में स्थित गुरुद्वारों में गुरुनानक देव प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
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