बिजनौर । परिषदीय स्कूलों में लागू की गई ज्योतिर्गमय योजना और अधिकारियों की ओर से गोद लिए स्कूलों में कान्वेंट जैसी सुविधाएं तैयार कर रही है। जिले के कई स्कूलों के शिक्षकों की शिक्षा विभाग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी पीठ थपथपा चुके हैं।
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर तैयार करने के लिए कड़ी मशक्कत से जिले के कई स्कूलों की सूरत बदल गई है। शिक्षा विभाग के अफसर भी इन स्कूलों पर नजर रखेहैं। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि के निर्देश पर जिले के करीब 400 स्कूलों को ज्योतिर्गमय योजना से जोड़ा गया है। इसके अलावा डीएम जगतराज के निर्देश पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने 159 प्राथमिक , उच्च प्राथमिक स्कूलों को गोद लिया है। इन स्कूलों में शिक्षा का माहौल तैयार कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। शिक्षकों और अधिकारियों की मशक्कत के बाद कई स्कूलों की सूरत बदल गई है। नजीबाबाद विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर आंवला में पंजीकृत 236 छात्र-छात्राएं है। इंचार्ज अध्यापक सुधीर कुमार राणा के नेतृत्व में स्कूल के शिक्षकों के लगातार किए गए प्रयास से छात्रों की उपस्थिति 95 प्रतिशत तक प्रतिदिन रहती है। इस स्कूल में छात्रों के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ पढ़ाई का स्तर पर विशेष ध्यान दिया गया है। अच्छा वातावरण तैयार होने पर मंडलायुक्त वेंकटेश्वर लू भी इंचार्ज अध्यापक को सम्मानित कर चुके है। विकास क्षेत्र किरतपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय पाड़ला में इंचार्ज अध्यापक कुड़वा सिंह के निर्देशन में स्कूल में विज्ञान के प्रयोगशाला तैयार की गई है। स्कूल में 121 पंजीकृत छात्र हैं। डीएम जगतराज भी स्कूल का निरीक्षण कर चुके हैं। इसी विकास क्षेत्र के स्कूल हकीकतपुर प्रयाग में शिक्षक गुलशन गुप्ता के स्कूल की सूरत बदले जाने से शिक्षा विभाग के अफसर भी खुश हैं। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने निरीक्षण में भी शिक्षकों की सराहना की थी। ब्लाक हल्दौर के धर्मपुरा, मुबारकपुर तालन, मोहम्मदपुर देवमल के उच्च प्राथमिक विद्यालय धर्मनगरी, अंग्रेजी माध्यम के स्कूल धर्मनगरी द्वितीय की सूरत बदली जाने से शिक्षक खुश हैं। खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार का कहना है कि स्कूलों को ज्योतिर्गमय योजना से जोड़े जाने और स्कूलों को गोद लिए जाने से स्कूलों में शिक्षकों ने भी रुचि ली है।
स्कूलों में साज सज्जा पर भी है फोकस
परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट की तर्ज पर तैयार करने के लिए बच्चो के लिए सुविधाएं जुटाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर जिन स्कूलों को ज्योतिर्गमय योजना से जोड़ा गया है उनमें बच्चों के बैठने के लिए टाट की पट्टी के स्थान पर स्कूलों में मैट बिछवाई गई हैं। बच्चों की साफ-सफाई और उपस्थिति पर ध्यान दिया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित और विज्ञान की प्रयोगशाला तैयार कराई गई है।