नजीबाबाद। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश से एक बार फिर मालन नदी में उफान आया। बड़िया में कारसेवा से बने पुल के दोनों छोर से मार्ग कटने से दर्जनभर गांवों का सीधा संपर्क नजीबाबाद से कट गया। उधर, सूकरो नदी में भी उफान आने से नेशनल हाईवे पर स्थित सड़क पुल की कोटद्वार दिशा की एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार को एसडीएम ने दोनों पुलों का निरीक्षण कर जल्द बचाव कार्य शुरू कराने की बात कही।
कोटद्वार और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश से क्षेत्र की बरसाती नदियों मालन और सूकरो में बृहस्पतिवार रात उफान आ गया, जिसका खामियाजा एक बार फिर क्षेत्र के कई गांव के लोगों को भुगतना पड़ा। बड़िया-भुड्डी मार्ग को क्रॉस कर रही मालन नदी पर कारसेवा से बने पुल की एप्रोच शुक्रवार सुबह फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। बड़िया, छोटी भुड्डी, बड़ी भुड्डी, ताहरपुर, बीरूवाला, मेदूवाला, जट्टीवाला, भोगपुर, चंडीगढ़ फार्म, कुलांडी आदि क्षेत्रों के लोगों का सीधा संपर्क नजीबाबाद से कट गया। एक सप्ताह पहले ही क्षतिग्रस्त हुई एप्रोच को सिखों ने प्रयास कर दुरुस्त किया था। ग्राम प्रधान अवतार सिंह, निर्मल सिंह काला, पूर्व प्रधान इकबाल सिंह, जसवंत सिंह, सरबजीत सिंह, साहब सिंह आदि ने प्रशासन स्तर से पुल को बचाने के लिए सार्थक कदम न उठाए जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि बरसात से पहले प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के क्षेत्र में न आने का खामियाजा लोगों को बरसात में नदी में आने वाले उफान के दौरान भुगतना पड़ता है। उधर, सूकरो नदी में उफान आने से नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच सड़क पुल की कोटद्वार एंड की एप्रोच की मिट्टी में काफी मात्रा में कटान हुआ। हादसे की आशंका के चलते भारी वाहनों को सावधानी बरतते हुए पुल से गुजारा गया। शुक्रवार को एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने मालन नदी पर कारसेवा से बने पुल एवं हाईवे पर सूकरो नदी पर बने पुल का निरीक्षण किया। दोनों पुलों को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए उनके बचाव के लिए जल्द कदम उठाने की बात कही। एसडीएम ने नेशनल हाईवे प्राधिकरण एवं लोनिवि अधिकारियों को अविलंब पुलों की एप्रोच को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।