बिजनौर। बदलता मौसम मच्छर के मुफीद है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया फैलने का खतरा अधिक है। पिछले साल के मरीजों को देखते हुए जिले में डेंगू के लिए 80 इलाके संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
जिले में रुक-रुककर खूब वर्षा हो रही है, जिससे जगह-जगह जलभराव हो गया है। पानी सूखने के बाद तेज धूप में डेंगू का लार्वा भी पनपेगा। डेंगू, मलेरिया से बचाव जरूरी है।
डेंगू के मरीजों का आंकड़ा सितंबर और अक्तूबर में ही बढ़ता है। संवदेनशील इलाकों में सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साल 2023 में जिले में 159 और साल 2024 में 27 डेंगू रोगी मिले थे।
डेंगू से बचाव के लिए मलेरिया विभाग की टीम अन्य विभागों के साथ मिलकर अक्तूबर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाएगी।
साथ ग्राम प्रधानों को गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के लिए कहा गया है। मलेरिया विभाग के अनुसार, जिले के सभी ब्लॉकों में डेंगू का प्रकोप है। सहायक मलेरिया अधिकारी आशुतोष सिंह का कहना है कि इन 80 मोहल्ले, गांवों को संवेदनशील श्रेणी में इसलिए रखा गया है। क्योंकि, यहां पहले बुखार, डेंगू, मलेरिया के मरीज मिले थे।