बिजनौर। गन्ना भुगतान, चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल में मरम्मत कार्य न होने के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन व आजाद किसान यूनियन के बैनर तले 600 से ज्यादा किसानों ने कोतवाली जाकर गिरफ्तारी दी। किसानों को पुलिस इंदिरा बाल भवन ले गई। वहां भी किसानों का आंदोलन जारी रहा। किसानों नेे पुलिस से खाने की व्यवस्था करने की मांग की। ऐसा न होने पर उन्हें जेल भेजने को कहा।
आजाद किसान यूनियन व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने बृहस्पतिवार को डीसीओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। शुक्रवार को आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह व संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए रोडवेज की ओर से होते हुए कोतवाली शहर पहुंचे। वहां शहर कोतवाल विजेंद्रपाल राणा को 600 किसानों की सूची देकर गिरफ्तारी देने की बात कही। पुलिस ने पहले ही बसों का इंतजाम कर रखा था। पुलिस ने किसानों को बसों से इंदिरा बाल भवन पहुंचाया। वहां भी किसानों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कैलाश लांबा ने कहा कि अधिकारियों ने सैकड़ों किसानों को तो एकदम गिरफ्तार कर लिया लेकिन मिल न चलाने वालों वेव ग्रुप के अधिकारियों की तरफ आंख उठाकर देखने को तैयार नहीं है। इसके बाद भी आए किसानों ने गिरफ्तारी दी। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि मिल मालिकों की मनमर्जी नहीं चलने दी जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि सवा सौ करोड़ देशवासियों को रोटी देने वाले किसानों को मिल चलाने के लिए गिरफ्तारी देनी पड़ रही है। यह सरकार और प्रशासन की विफलता का परिणाम है। कहा कि जब तक मिल नहीं चलेगी, किसान अपने घर नहीं जाएंगे। कहा कि या तो प्रशासन उनके लिए खाने का इंतजाम करा दे या फिर जेल भेज दे। इस दौरान आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सुखराज, राजपाल सिंह, मुनीश, देवप्रकाश, बिजेंद्र सिंह, शकील अहमद, अंकुर आदि किसान मौजूद रहे।
गन्ने से चलती है आजीविका
किसानों को इंदिरा बाल भवन बस से ले जाया गया। इस दौरान भी किसान सीट पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। कहा कि अपना हक लिए बगैर वे घर नहीं जाएंगे। मिलों की मरम्मत के लिए कितना भी बड़ा आंदोलन करेंगे। मिल चलने से ही उनके परिवार की आजीविका चलती है।