अफजलगढ़। शासन के निर्देश के बावजूद स्वयं सहायता समूहों से यूनिफार्म न सिलवाकर ठेकेदारों के सेटिंग करने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर प्रशासन ने सख्ती का मन बना लिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक ठेकेदारों से ड्रेस खरीदारी कर मनमानी कर रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं होगा। शासन के स्वयं सहायता समूह से ड्रेस सिलवाने के सख्त आदेश हैं। शासन के आदेशों का अनुपालन करने में जरा भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
शासन ने जनपद के प्रत्येक ब्लॉक के कुछ स्कूलों को स्वयं सहायता समूह से यूनिफार्म की सिलाई कराने के लिए चिह्नित किया है। इनमें अफजलगढ़ ब्लॉक के ऐसे 40 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। इन स्कूलों के खातों में ड्रेस के लिए रकम भी समय से भेज दी गई। फिर भी किसी स्कूल ने स्वयं सहायता समूह को यूनिफार्म सिलवाने का ऑर्डर नहीं दिया। बल्कि शिक्षक मोटे कमीशन के चक्कर में ठेकेदारों की परिक्रमा कर रहे हैं। जो ठेकेदार मोटा कमीशन दे रहा है, उसी ठेकेदार की यूनिफार्म स्कूली बच्चों के लिए खरीदी जा रही है। यूनिफार्म खरीदारी में ड्रेस की क्वालिटी से भी समझौता कर लिया है। जिन स्कूलों में बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराई गई, वह ड्रेस सिकुड़ रही है। एक धुलाई के बाद आधे शरीर पर पहुंच जा रही है। अमर उजाला में यूनिफार्म खरीद में मनमानी, जांच शुरू शीर्षक पर खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एबीएसए ने चिह्नित स्कूलों के मुख्य अध्यापकों को तलब कर स्वयं सहायता समूह से यूनिफार्म सिलवाने के आदेश दिए। हिदायत दी कि जो भी आदेशों का अनुपालन करने में आनाकानी करेगा, उसके वेतन से यूनिफार्म की रकम काट ली जाएगी। बच्चों की यूनिफार्म खरीदारी में दलाली नहीं होने दी जाएगी। बच्चों को उच्च गुणवत्ता की यूनिफार्म सिलवाकर देने की जिम्मेदारी मुख्य अध्यापक की है।
अभी नहीं मिला ऑर्डर
ब्लॉक के एडीओ आईएसबी बृजेश का कहना है कि उन्हें अभी किसी भी स्कूल का ऑर्डर नहीं मिला है। ड्रेस सिलने के लिए स्वयं सहायता समूह की टीम तैयार है। ऑर्डर मिलने की समय अविधि के भीतर बच्चों की ड्रेस उपलब्ध करा दी जाएगी।
आदेश का पालन कड़ाई से होगा:
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद्र का कहना है कि शासन की मंशा पर यूनिफार्म सिलाई के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जो शिक्षक ड्रेस खरीदारी में मनमानी करेगा, उसके वेतन से ड्रेस की रकम काट ली जाएगी।