हत्यारोपी की जमानत अर्जी निरस्त
बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा ने जफर खान हत्याकांड में आरोपी शाकिर मिर्जा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार नजीबाबाद में 26 जून 2017 की सुबह करीब पौने आठ बजे जफर खान घर पर बैठे अखबार पढ़ रहे थे। उनकी पुत्री अरीन खान और शादमनी खान ईद के लिए सामान बना रही थीं। तभी वहां पर नजीबाबाद के ही मोहल्ला संतोमालान निवासी शाकिर मिर्जा और गयास मिर्जा पिस्तौल लेकर पहुंचे। वे दोनों जफर खान को गालियां देने लगे। गयास मिर्जा ने शाकिर मिर्जा से कहा कि जफर खान ने उसकी शादी वरदा से नहीं होने दी है इसे जान से मार दो। इस पर शाकिर मिर्जा ने जफर खान पर गोली चला दी। जिससे जफर खान गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अदालत ने इस मामले में शाकिर मिर्जा की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
पत्नी पर हमला करने वाले की अर्जी निरस्त
बिजनौर। पत्नी पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी पति आसिफ की भी प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा ने जमानत याचिका निरस्त कर दी है। स्योहारा निवासी हिना ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति आसिफ एक जून 2018 को रात आठ बजे उसे घुमाने ले जाने का बहाना कर ले गया। मलकपुर के जंगल में ईख के खेत में उसके साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट की और उसे जान से मारने की नियत से चाकू से हमला किया। इससे उसके चोटें आई। घायल अवस्था में उसका पति उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों ने उसे उठाया और अस्पताल पहुंचाया।