बिजनौर । स्कूलों में संविधान दिवस पर विद्यार्थियों को देश के संविधान के बारे में बताया गया।
एमडी कॉलेज ऑफ हायर एजूकेशन फॉर गर्ल्स में कॉलेज प्रबंधक डॉ. विदित चौधरी, प्राचार्या डॉ. ऊषा त्यागी व मुख्य अतिथि डॉ. अनिल चौधरी ने क ार्यक्रम का शुभारंभ किया। रीना और आयुषी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। डॉ. विदित चौधरी ने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविभान सभा ने देश के संविधान को स्वीकृत किया गया था, जो कि 26 जनवरी को लागू हुआ। इसलिए संविधान दिवस के दिन संविधान के जनक डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद और सम्मानित किया जाता है। प्राचार्या डॉ. ऊषा त्यागी ने डॉ. अंबेडकर को संविधान का मुख्य कुशल वास्तुकार बताया। राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी शफक रिजवी, प्रीति सेतिया, अनुषी, गरिमा, रिया आदि छात्राओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। आयोजन में दीपा चौधरी, मोनिका विश्नोई, सुरभि, सांची, मोहित, राजीव, हरिओम, स्वाति आदि का योगदान रहा।
कृष्णा कॉलेज में वर्तमान परिदृश्य में संविधान का महत्व विषय पर एक संगोष्ठी का शुभारंभ कॉलेज प्रबंधक मनोज कुमार और प्राचार्य डॉ. परवेज अहमद खां ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्राचार्य ने बताया कि 26 नवंबर 1949 को देश का संविधान लागू हो गया था और इसी दिन इसके प्रावधान लागू कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में नागरिकों के मूल अधिकारों की व्याप्त व्यवस्था है। विधि विभागाध्यक्ष प्रदीप राठौड़ ने भारतीय संविधान के अन्य प्रावधानों के बारे में बताया। डा. एमए खान, डॉली रानी, सुरेश कुमार, विशाल विक्रम, शिव कुमार, अंकित कश्यप ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया।