बिजनौर। गन्ना मूल्य में केवल दस रुपये की ही वृद्धि किए जाने के विरोध में किसानों में रोष फैलने लगाया है। भाकियू ने गन्ना मूल्य वृद्धि को नाकाफी बताते हुए कलक्ट्रेट में गन्ने की होली जलाई। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार को देते हुए गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की है।
किसान गन्ना समिति से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और गन्ने की होली जलाई। वक्ताओं ने कहा कि गन्ने में लागत बहुत बढ़ गई है। सपा सरकार ने गन्ना मूल्य की घोषणा की थी तो भाजपा ने जगह-जगह प्रदर्शन कर गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजनौर की धरती पर फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने की घोषणा की थी। किसानों ने भरोसा करके भाजपा को वोट दिया था। शाहजहांपुर गन्ना शोध केंद्र द्वारा गन्ने की लागत 300 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है। अब सरकार को लागत का डेढ़ गुना मूल्य यानि 450 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को देना चाहिए। इस समय गन्ने से बनने वाले सभी उत्पादों के मूल्य बहुत अच्छे हैं। भाकियू ने प्रदेश सरकार से गन्ना मूल्य पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़, प्रदेश महासचिव रामअवतार सिंह, जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, ओमपाल सिंह, संदीप त्यागी, कुलदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।