- आक्रोशित किसानों का शुक्रवार को भी जारी रहा डीएफओ कार्यालय पर धरना
- गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए शासन से मिल चुकी अनुमति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हमलावर गुलदारों को पकड़ने की मांग को लेकर भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले किसानों का धरना शुक्रवार को जारी रहा। किसानों ने वहां पहुंचे डीएफओ समेत तीन अधिकारियों को धरने पर बैठाया। धरने पर युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने वन अफसरों से कहा कि आप लोगों को भरोसा है कि वन विभाग के अधिकारी कुछ समाधान निकालेंगे। वरना जितनी मौत हो गई है न, आगे भी यही हालात रहे तो, लोग हथियार उठाकर अपने आप निकल जाएंगे। तुम्हारी जरूरत नहीं रहेगी। यही हालत बनवाना चाहते हो तो सोते रहो।
उन्होंने कहा कि वन विभाग के सभी अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ काम करें। कहीं ऊपर नीचे बात करनी है, तो आप भी करो और हम भी करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि गुलदार के हमले से फरवरी माह में एक मौत, मार्च में दो मौत और अप्रैल में चार की मौत हो गई हैं। लोगों में आक्रोश है और अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते। कुछ नहीं करोगे तो संघर्ष आरपार का होगा। धरने में डीएफओ अरुण कुमार पहुंचे। दो एसडीओ भी उनके साथ पहुंचे। आंदोलित किसानों ने उन्हें अपने धरने पर बैठाकर बंधक बना लिया।
जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही ने प्रत्येक ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अलग-अलग दिन ड्यूटी लगाई है। 30 अप्रैल को यह भी बता दिया जाएगा। जिला मुख्यालय पर महापंचायत होगी। जब तक जिले की जनता को गुलदार से निजात नहीं मिलती, तब तक जिले के प्रशासन और वन विभाग को चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा।
धरने पर पहुंचे डीएफओ अरुण कुमार ने बताया कि रेंज अमरोहा, मुरादाबाद, नजीबाबाद कार्यालय से संबंधित वन विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को बिजनौर बुलवाया गया है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। धरने पर सरदार दर्शन सिंह फौजी, महल सिंह, उदयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, जितेंद्र प्रधान, अतुल बालियान, अंकित कुमार, अरविंद राजपूत आदि मौजूद रहे।