नजीबाबाद। प्रशासन ने नगर की आबादी से जुड़े क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में करोड़ों रुपये मूल्य की शत्रु संपत्ति चिह्नित की है। शत्रु संपत्ति घोषित करने का प्रस्ताव निष्क्रांत विभाग दिल्ली को भेजा गया है। हर्सवाड़ा में सर्वाधिक शत्रु संपत्ति मौजूद है।
प्रशासन ने नगर की आबादी से जुड़े क्षेत्र सहित करीब 62 स्थानों पर शत्रु संपत्ति चिह्नित की है। 23 स्थान पर शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे हैं। इनमें तीन स्थान पर आवासीय और 20 स्थानों पर कृषि से संबंध अवैध कब्जे हैं। शेष 39 स्थानों पर कृषि भूमि के रूप में शत्रु संपत्ति खाली पाई गई है।
बंटवारे के दौरान जो लोग पड़ोसी देश में जाकर बस गए। उनकी संपत्ति प्रशासन की निगरानी में हैं। हाल ही में घोषित सर्किल रेट के अनुसार प्रशासन द्वारा चिह्नित शत्रु संपत्ति का अनुमानित मूल्य 28 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें कई करोड़ रुपये की भूमि पर वर्तमान में आवास और कृषि भूमि के रूप में अवैध कब्जा है।
नगर की आबादी से लगे नगर पंचायत हर्सवाड़ा क्षेत्र में प्रशासन ने सर्वाधिक शत्रु संपत्ति होने का प्रस्ताव निष्क्रांत विभाग दिल्ली को भेजा है। हर्सवाड़ा बीए में पांच स्थानों पर 16 करोड़ से अधिक और हर्सवाड़ा ए में 16 स्थानों पर करीब आठ करोड़ रुपये की शत्रु संपत्ति पाई गई है।
गांव दिनौड़ा के नौ स्थानों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की और असलमपुर झोझा के आठ स्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक शत्रु संपत्ति प्रशासन ने चिह्नित की है। जिन अन्य स्थानों पर शत्रु संपत्ति घोषित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने तैयार किया है। उनमें रसूलपुर सैद, ज्वालीलाला, तकर्रूबपुर इसराज खेड़ी, किशोरपुर और अकबराबाद शामिल है।
हर्सवाड़ा में है सर्वाधिक शत्रु संपत्ति
हर्सवाड़ा ए में 16 स्थानों पर और हर्सवाड़ा बीए में पांच स्थानों पर शत्रु संपत्ति पाई गईं हैं। हर्सवाड़ा में सभी शत्रु संपत्तियां कृषि भूमि के रूप में है फिलहाल कृषि पर अवैध कब्जा नहीं मिला है।
कृषि के रूप में हैं इन स्थानों पर कब्जे
असलमपुर झोझा के आठ स्थानों पर विभिन्न गाटा संख्या में, दिनौड़ा में चार स्थानों पर, ज्वालीलाला में पांच स्थानों पर, रसूलपुर सैद में दो स्थानों पर कृषि भूमि के रुप में प्रशासन ने अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। दिनौड़ा में गाटा संख्या 40 और 43 में और अकबराबाद के गाटा संख्या 704 में शत्रु संपत्ति पर आवासीय कब्जा मिला है।
चिह्नित संपत्ति के क्रय-विक्रय पर लगी रोक
जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने प्रशासन द्वारा चिह्नित की गई शत्रु संपत्ति के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। प्रशासन की ओर से निष्क्रांत विभाग दिल्ली को चिह्नित संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
आबादी क्षेत्र में भी विवादित मामला
शत्रु संपत्ति से संबंधित गाटा संख्या 282, 283 क भी एक विवादित मामला प्रशासन के संज्ञान में है। प्रशासन ने दो माह पूर्व जांच कर संबंधित पक्ष को स्थिति स्पष्ट होने तक निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए थे। हाल ही में निमार्ण कार्य शुरु होने के बाद प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
प्रशासन ने शत्रु संपत्ति चिह्नित की है। शत्रु संपत्ति घोषित करने का प्रस्ताव निष्क्रांत विभाग दिल्ली को भेजा गया है। प्रस्ताव पर कार्रवाई होने के बाद अवैध कब्जों के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार, एसडीएम नजीबाबाद