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गन्ने की बढ़ी पैदावार की पेराई कराना होगी बड़ी चुनौती

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गन्ने की बढ़ी पैदावार की पेराई कराना होगी बड़ी चुनौती
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बिजनौर। प्रशासन के लिए गन्ने की बढ़ी पैदावार की पेराई कराना बड़ी चुनौती होगी। चीनी मिलों ने पेराई क्षमता नहीं बढ़ाई है। शासन की चीनी मिलों को जल्दी चलवाने की योजना भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले में इस साल 64 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार अधिक है। इससे किसानों की गन्ना सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।
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जिले में वर्ष 2017-18 में गन्ना का रकबा दो लाख 12687 हेक्टेयर था। शासन ने गन्ना रकबा बढ़ाने के लिए अभियान चलाया। नतीजतन गन्ने का रकबा इस साल दो लाख 20 हजार 368 हेक्टेयर हो गया है। इस प्रकार गन्ने का रकबा 7681 हेक्टेयर बढ़ गया है। गन्ना विभाग की क्रॉप कटिंग के अनुसार गन्ने की औसत पैदावार बढकर 833.96 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होने का अनुमान है। इस तरह जिले में 64 लाख क्विंटल गन्ना अधिक पैदा होगा। पिछले साल चीनी मिल अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चली थी। शासन की मंशा थी कि इस साल गन्ने का रकबा व पैदावार दोनों बढ़े हैं। गन्ने की पेराई समय से कराने के लिए चीनी मिलों के जल्दी चलाने की योजना बनाई गई। शासन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को 15 अक्तूबर से पांच नवंबर के बीच चलाने का एलान कर दिया। परंतु इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन के असहयोग के चलते शासन की योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही है। बिलाई चीनी मिल एसोसिएशन में शामिल नहीं बताई गई है। उसने ही 29 अक्तूबर से मिल चलाने की घोषणा की है। जिले की बरकातपुर चीनी मिल को छोड़कर धामपुर, नजीबाबाद, स्योहारा, बूंदकी, बहादरपुर, बिजनौर, चांदपुर चीनी मिल ने अपनी पेराई क्षमता नहीं बढ़ाई है। बरकातपुर ने मात्र 20 हजार क्विंटल प्रति दिन क्षमता बढ़ाई है। चीनी मिलों का कहना है कि उनके पास पहले से ही पर्याप्त मात्रा में गन्ना है। उन्हें न तो और गन्ने की जरूरत है तथा न ही नये सेंटरों की जरूरत है। इस बारे में अनेक किसान सेंटर बदलवाने के प्रत्यावेदन पर चीनी मिलों द्वारा अनापत्ति देने में परेशान करने की शिकायत लेकर डीसीओ से मिले थे। किसानों को जांच का भरोसा दिया गया था। पिछले साल गन्ना डालने को लेकर आखिर तक मारामारी मची रही थी। किसान इस बात को लेकर परेशान है कि उन्होंने शासन व विभाग के कहने पर पैदावार बढ़ाई है। अब उनका बढ़ा गन्ना मिलों पर कैसे डलेगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि किसानों ने गन्ने की पैदावार सरकार के कहने पर बढ़ाई है। किसान के गन्ने की सप्लाई की व्यवस्था कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यूनियन लगातार जिले मे एक और चीनी मिल लगाने व मिलों की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग कर रही है। जिला गन्ना यशपाल सिंह के अनुसार चीनी मिल समय से चलाने के प्रयास हो रहे हैं।
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मिल पेराई क्षमता
धामपुर 1.40 लाख
स्योहारा 1.30 लाख क्विंटल
बिलाई 90 हजार क्विंटल
बहादरपुर 75 हजार क्विंटल
बूंदकी 65 हजार क्विंटल
बिजनौर 35 हजार क्विंटल
चांदपुर 45 हजार क्विंटल
नजीबाबाद 30 हजार क्विंटल
बरकातपुर 70 हजार क्विंटल
नोट:सभी आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
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