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हत्यारोपी की जमानत याचिका निरस्त

Meerut Bureau Updated Wed, 12 Sep 2018 11:49 PM IST
हत्यारोपी की जमानत याचिका निरस्त
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बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय ने अपहरण व हत्या के आरोपी विकुल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता मैफूज चौधरी के अनुसार थाना स्योहारा के गांव महमूदपुर निवासी आकाश त्यागी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता अरुण त्यागी के विशाल निवासी खलीलपुर, डब्लू निवासी महमूदपुर पर ढाई लाख रूपए बताए थे। वे अपने रुपयों के लिए बार बार इन लोगों से तकाजा़ कर रहे थे। 10 जून 2018 को उसके पिता अरुण त्यागी किसी काम से स्योहारा आए थे। उन्हें विशाल, डब्लू, विकुल, पुष्पा, ताहिर हुसैन ने बकाया पैसों के लेन देने के विवाद में उनका अपहरण कर लिया था। 14 जून को जली हुई हालत में पुलिस ने अरुण त्यागी की लाश बरामद की थी। कोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त आधार न पाते हुए हत्यारोपी विकुल की जमानत याचिका निरस्त की है।

फोरम ने बैंक को दिए 10 हजार रुपये देने के आदेश
बिजनौर। जिला उपभोक्ता फोरम ने एटीएम से बिना भुगतान हुए 10 हजार रुपये की धनराशि खाते से काट लेने के मामले में पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा के प्रबंधक को आदेश दिया है कि वह 10 हजार रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता ऋषिपाल के खाते में 30 दिन के अंदर जमा कर दें। शिकायतकर्ता को हुई असुविधा, मानसिक वेदना तथा मुकदमा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए चार हजार रुपये देने के आदेश भी पंजाब नेशनल बैंक को दिए हैं।
तहसील धामपुर के गांव दल्लीवाला निवासी ऋषिपाल सिंह ने फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पास एसबीआई का एटीएम कार्ड है। एक मार्च 2017 को उसके खाते में 48 हजार 84 रुपये की धनराशि थी। दो मार्च 2017 को उसे 20 हजार रुपये की आवश्यकता पड़ी तो उसने पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम मशीन का उपयोग किया। पहली बार में उसे 10 हजार तथा दूसरी बार प्रयोग करने पर उसे पुन: 10 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हो गई। उसने 10-10 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त की। पर उसके मोबाइल में जो मैसेज आया उसमें 10-10 हजार रुपये के तीन ट्रांजेशक्शन दिखाए जा रहे थे। उसने तीन मार्च को स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक को इस घटना से अवगत कराया। पर उसकी मौखिक व लिखित शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक का कहना था कि उसने तीन ट्रांजेक्शन ही किए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एच जे एस सुधीर कुमार व महिला सदस्य बबीता देवी द्वारा किए गए निर्णय में कहा गया है कि शिकायत के बाद भी पंजाब नेशनल बैंक की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया तथा कोई सुसंगत साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए। फोरम ने इसे पंजाब बैंक की निर्धारित सेवा में कमी माना।

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