ढबारसी। ढबारसी में कैंसर से हो रही लगातार मौतों के मामले में पीएमओ गंभीर हो गया है। जिसके चलते भारत सरकार के दूर संचार मंत्रालय ने टीम का गठन कर दिया है। टीम मोबाइल टॉवर के रेडिएशन (तरंगो) से कैंसर होने की पड़ताल करेगी। पंद्रह दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है।
जून की छह तारीख को ढबारसी के गौरव भाटी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन (तरंगो) के कारण लोगों के कैंसर की चपेट में आने की संभावना जताई गई। पत्र में कहा गया कि गांव के पचास लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। वहीं आधा दर्जन लोग आज भी कैंसर से जूझ रहे हैं। कहा गया कि गांव में दो मोबाइल टॉवर लगे हुए हैं। लिखे पत्र के बाद पीएमओ ने संज्ञान लयिा। जिस पर मेरठ दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की एक टीम जांच के लिए गठित की गई है। शिकायतकर्ता गौरव भाटी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दूरसंचार मंत्रालय से जांच कमेटी गठित कर पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में मेरठ दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने फोन पर संपर्क किया है। गांव में लगे इन टावरों की जांच मेरठ स्थित दूरसंचार कार्यालय के अधिकारियों की टीम करेगी। हालांकि गांव मे पीने का पानी भी पीने योग्य नहीं है। इसकी पुष्टि जल विभाग के लिए गए पानी के नमूने की जांच से हो चुकी है। पानी जहरीला पाया गया है। पानी में टीडीएस की मात्रा 900 तक पाई गई है। जल विभाग ने उक्त नलों पर लाल निशान तो लगाये गए लेकिन गांव वासियों को पीने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था में न तो अधिकारी रुचि ले रहे हैं और न ही जन प्रतिनिधि।