अमरोहा। जिले में घोड़ों की लाइलाज बीमारी ग्लैंडर्स का संक्रमण बढ़ने लगा है। इस जानलेवा बीमारी का पता लगाने के लिए जिले से आशंकित बीस घोड़ों के नमूने जांच के लिए हरियाणा प्रदेश के अश्व अनुसंधान हिसार भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी का पता चल पाएगा। पिछले साल एक घोड़े में ग्लेंडर्स की पुष्टि हुई थी। राजकीय पशु चिकित्सालय में तैनात उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एमआर यादव ने बताया कि घोड़ों में होने वाली ग्लैंडर्स की बीमारी लाइलाज है। ग्लैंडर्स की जांच के लिए अश्व अनुसंधान केंद्र भेजे गए नमूनों के सकारात्मक आने पर दोबारा नमूना लिया जाता है। जांच में दूसरी बार भी ग्लैंडर्स की पुष्टि होने पर इसके संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए घोड़ों को बिना दर्द के मौत देकर घोड़े के मालिक को 25 हजार रुपये मुआवजा भी दिया जाता है। पिछले साल धनौरा ब्लाक के गांव कंजर बसेड़ा में ग्लैंडर्स का मामला सामने आया था। जांच में पुष्टि के बाद घोड़े को दर्द रहित मौत दी गई थी। डा. यादव ने बताया कि ग्लैंडर्स से पीड़ित घोड़े के पूरे शरीर में गांठें दिखायी देती हैं। इसके अलावा घोड़े की नाक से तरल स्राव होता रहता है।