शेरकोट। जामा मस्जिद में एक दिवसीय इज्तिमा का आयोजन हुआ। इसमें हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की। मौलाना ने मुस्लिम समाज से अल्लाह और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत दी।
मौलाना अहमद लाड साहब ने कहा कि पांच वक्त की नमाज पाबंदी से पढ़े। क्योंकि सब से पहले आखरत में नमाज के बारे में सवाल होगा। अगर नमाज का मामला सही निकला तो बाकी मामला भी ठीक रहेगा। अपने अंदर तब्दीली लाए। खुद भी दीन पर चलें और अपने परिवार और बच्चों को भी दीन पर चलाने के लिए प्रयास करें। इल्म ए दीन हासिल करें। अल्लाह का खूब जिक्र करें। सुबह शाम तीन तीन तस्बी, तीसरा कल्मा, दरुद शरीफ़ और अस्तखफार जरूर पढ़े। अगर इस्लाम के बताए रास्ते पर चले तो जिंदगी सुकुन से गुजरेगी। नबी के बताए तरीके के मुताबिक जिंदगी गुजारे। आखिर में मौलाना ने गुनाहों से तौबा और अमन-चैन खुशहाली की दुआ कराई। मौलाना अहमद मणि, डॉ सनाउल्लाह अलीगढ़, मोहम्मद मुमताज आदि ने भी खिताब किया। इस मौके पर जामा मस्जिद के बाहर लोगों की शरबत, चाय, नाश्ते के स्टाल लगाकर खिदमत की। शहर इमाम मौलाना रफीक अहमद कासमी, मौलाना हाजी हाफिज अहमद, मौलाना उबेद उर रहमान, हाजी लियाकत, डॉ याकूब, मौलाना कमर, मोहम्मद अंजुम, कारी शहजाद मौजूद रहे।