बिजनौर। अशोक प्रकरण 10 साल बाद एक बार फिर गरमाने लगा है। भाकियू ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्रशासन और चकबंदी विभाग से केस की स्थिति की जानकारी मांगी है। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार जानकारी मिलने पर यूनियन अगली कार्रवाई तय करेगी। अशोक के परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा।
चकबंदी में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हल्दौर ब्लॉक के गांव कुम्हारपुरा निवासी अशेाक ने 2008 में कलक्ट्रेट में आत्मदाह कर लिया था। तत्कालीन डीएम सच्चिदानंद पाठक ने शासन से मुआवजा दिलाने समेत उसके पुत्र को नौकरी दिलवाने का वादा किया था। दस साल बाद भी मामले में कुछ नहीं हुआ। इस बीच पति की मौत के गम में पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। अशोक के दोनों पुत्र थोड़ी सी जमीन खेती करके गुजारा करते हैं। अशोक का बूढ़ा पिता आज भी इंसाफ की उम्मीद लगाए हुए है। भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि यूनियन ने अशोक के परिवार को इंसाफ दिलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने अशोक प्रकरण पर आरटीआई के तहत सूचना जानकारी मांगी है। प्रकरण का अध्ययन करने के बाद भाकियू आगे की रणनीति बनाएगी।