नजीबाबाद । दस वर्ष पुराने डीजल चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध का फैसला वापस लेने की किसानों ने मांग उठाई। भाकियू भानु गुट ने किसानों की 13 मांगों के समर्थन में तहसील में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में धरना दिया। किसान नेताओं ने प्रदेेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली नहीं रोक सकी है। विद्युत दरें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष ने 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने को किसान विरोधी फैसला बताया। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही विभिन्न रूपों में आर्थिक उत्पीड़न का शिकार है। जिला महासचिव वीर सिंह के संचालन में हुई धरना सभा में डीएपी पर 200 रुपये प्रति बैग पर बढ़ाए जाने पर रोष जताया गया। चौधरी विजय सिंह ने बताया कि किसानों की मांगों के समर्थन में 16 अप्रैल को कानपुर में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत में भागेदारी की रूपरेखा बनाई जाएगी। धरना सभा में सुरेंद्र सैनी, अरविंद त्यागी, सुरेंद्र कुमार, रामकुमार, आशु पठान, अखलाक, धीर सिंह, अनिरुद्घ, धर्मपाल सिंह, इज्जत अली, मो.अहसान, शिवकुमार, सईद अख्तर, महेंद्र सिंह, महीपाल सिंह, अर्जुन, शकील, फुरकान, डॉ. दिलशाद सहित कई लोग मौजूद रहे। भाकियू भानु कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिसमें किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को पेंशन देने, नहरों में जल्द पानी छोड़ने, भागूवाला में चकबंदी प्रक्रिया खत्म करने, चीनी मिलों में बौंड चलवाने, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा करने सहित विभिन्न मांगें की गईं।