नजीबाबाद। सावधान! अगर आप नजीबाबाद डिपो की रोडवेज बसों में सफर कर रहे हैं, तो जरा सचेत हो जाइए। दरअसल डिपो की दर्जनभर बसें ऐसी हैं, जो नीलामी की श्रेणी में आ चुकी हैं, मगर आय का स्तर बरकरार रखने की कोशिश के चलते यह बसें हाईवे पर दौड़ रही हैं।
उत्तर प्रदेश रोडवेज परिवहन निगम की अनदेखी कहें, या डिपो प्रशासन का ढुलमुल रवैया। नजीबाबाद रोडवेज डिपो की कई रोडवेज बसें लक्ष्य और मानक के अनुरूप काम नहीं कर पा रहीं और जोखिम के जो हालात बन रहे हैं वह अलग। जारी वित्तीय वर्ष में नजीबाबाद रोडवेज डिपो के पास निगम की 69 रोडवेज बसें थीं। इनमें से तीन बसों की दो माह पहले नीलामी की जा चुकी है। शेष 66 बसों में करीब दर्जनभर बसों की हालत भी नाजुक है। इनमें सफर करने वाले यात्रियों और स्टाफ की जान जोखिम में होने की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता।
डिपो फोरमैन डोजीलाल ने उपलब्ध बसों की बेहतर देखभाल और उनके बेहतर संचालन के लिए प्रयासरत होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि निगम के मानक के अनुसार ऐसी बसें जो 10 लाख किलोमीटर का सफर तय कर लेती है और उनके संचालन को 10 वर्ष का समय पूरा हो जाता है, तो ऐसी बसें नीलामी की श्रेणी में आ जाती हैं। एक लीटर डीजल में 5.5 किलोमीटर दूरी तय न करने वाली रोडवेज बसों की विशेष देखभाल कर उसके औसत में सुुधार की कोशिश की जाती है। उन्होंने फिलहाल डिपो को नई बसें न मिलने से डिपो की कोई भी बस जारी वित्तीय वर्ष में ऑक्शन (नीलामी) के लिए न भेजे जाने की बात कही।
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यह हैं डिपो की कुछ रोडवेज बसों के हालात
बस संख्या समय अवधि किलोमीटर तेल औसत (किमी/लीटर)
3874 11 वर्ष 10.56 लाख 5.4
4128 11 वर्ष 9.83 लाख 5.2
4597 11 वर्ष 9.45 लाख 5.2
6404 9.7 वर्ष 10.90 लाख 5.1
9925 9.6 वर्ष 10.92 लाख 5.10
6673 9.5 वर्ष 11.35 लाख 5.2
6216 9 वर्ष 9.61 लाख 4.5
7560 8.5 वर्ष 11.90 लाख 5.1
7532 8.5 वर्ष 10.41 लाख 4.9
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