अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े 54 वोट
किरतपुर(बिजनौर)। ब्लाक प्रमुख किरतपुर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की मतगणना हो गई है। डाले गए 55 मतों में से 54 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में डाले गए, जबकि एक मत अमान्य घोषित किया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर अधिकारियों ने मतगणना कराई है। मतगणना के नतीजे से ब्लाक प्रमुख को झटका लगा है। हालांकि उनका कहना है कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, अभी पद रिक्त नहीं किया जा सकता है।
दरअसल, किरतपुर ब्लॉक में 88 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। 30 दिसंबर 2019 को सदस्यों द्वारा ब्लॉक प्रमुख अनिल कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर ही 28 जनवरी को मतदान कराया गया था। उसमें कुल 54 सदस्यों ने मतदान किया था, जबकि एक वोट अमान्य पाया गया था। बृहस्पतिवार को ब्लॉक कार्यालय के डवाकरा हॉल में जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार और एसडीएम नजीबाबाद संगीता की मौजूदगी मतगणना कराई गई। 55 मतों में से 54 अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मिले। जबकि एक मत अमान्य पाया गया।
एसडीएम संगीता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर वोटों की गिनती कराई गई। दोपहर ढाई बजे मतगणना हुई। इसके बाद शाम चार बजे तक रिपोर्ट भेजने का निर्देश मिला था। एसडीएम ने बताया कि मतपेटी और समस्त मतदान सामग्री के लिफाफे अनीता और पवन कुमार आदि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की उपस्थिति में सील कराकर जिला कोषागार में जमा करा दिए गए हैं। इस दौरान जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार, खंड विकास अधिकारी अम्बरीश कुमार, सहायक विकास अधिकारी राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
- मतगणना की कराई वीडियोग्राफी
हाईकोर्ट के आदेश पर मतगणना कराने के साथ ही जिला प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी कराई। क्योंकि मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा हुआ है। इस लिहाज से प्रशासन ने पारदर्शी मतगणना के सबूत के तौर पर वीडियोग्राफी कराई।
वर्जन
ब्लॉक प्रमुख अनिल कुमार का कहना है कि उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी है। इसके अनुसार अभी यह पद रिक्त नहीं किया जा सकता। क्योंकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनकी रिट पर सुनवाई की अगली तिथि 26 फरवरी है। इसलिए तब तक मामला यथा स्थिति में ही रहेगा।