मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
अतिसंवेदनशील इलाकों में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं पर रहेगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। जिले में ऐसे 53 मोहल्लों और गांवों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जिनमें डेंगू और मलेरिया होने का सबसे ज्यादा खतरा है। इन क्षेत्रों में साफ-सफाई, लंबी घासों की कटाई, नालियों में एंटी लार्वा छिड़काव व समय-समय पर फॉगिंग की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
साल 2022 में बिजनौर में मलेरिया के 45 और डेंगू के 27 मरीज मिले थे। जिन इलाकों में बुखार के ज्यादा मरीज मिले, डेंगू और मलेरिया के मरीज मिले हैं। उन्हें अतिसंवेदनशील इलाकों में रखा गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए 12 विभाग काम करेंगे। स्वास्थ्य विभाग 17 अप्रैल से दस्तक अभियान चलाएगा। जिसमें आशाएं घर-घर जाकर बुखार, क्षय रोग, कुपोषित बच्चों की जानकारी लेंगी। नगर विकास विभाग शहरी क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव कराने के साथ साफ-सफाई ध्यान रखा जाएगा।
ये विभाग अभियान में करेंगे ये काम-
पंचायती राज गांवों में लार्वा साइड का छिड़काव, फॉगिंग, झाड़ियों की कटाई कराएगा। पशुपालन विभाग सुअर के बाड़ों की साफ-सफाई, कीटनाशक का छिड़काव कराएगा और लेप्टो मियोसिस बीमारी से बचाव की जानकारी देगा। आईसीडीएस विभाग कुपोषित बच्चों की जानकारी लेकर उन्हें कुपोषण से दूर करने के लिए कार्य करेगा। शिक्षा विभाग वेक्टर जनित रोगों के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करेगा। कृषि विभाग स्क्रब टायफस बीमारी से बचाव की जानकरी देगा। साथ ही मच्छररोधी पौधे नहीं उगने देने के बारे में जानकारी करेगा। इसके अलावा सिंचाई विभाग झाड़ियों की कटाई और सिंचाई के वैकल्पिक उपाय के बारे में बताया। सूचना विभाग संचारी गतिविधियों का प्रचार प्रसार करेगा। उद्यान विभाग मच्छर विकर्षक पौधे उगाने के बारे में बताएगा।
जिले के ये हैं मुख्य 10 अतिसंवेदनशील इलाके-
अतिसंवेदनशील इलाके- कारण- मरीज
बाहुपुरा- डेंगू- एक
इनामपुरा- डेंगू- दो
मोरना- डेंगू, मलेरिया- एक, दो
काजीपाड़ा- डेंगू- एक
स्याऊ- ज्यादा बुखार- 80
शादीपुर- ज्यादा बुखार- 40
छितावर- ज्यादा बुखार- 50
मझेड़ा शकरू- ज्यादा बुखार- 54
रवाना शिकारपुर- ज्यादा बुखार- 44
चंदनपुरा- ज्यादा बुखार- 60
नोट: ये आंकड़े मलेरिया विभाग से लिए गए हैं, बुखार के आंकड़े 2022 के हैं।
वर्जन::
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की सभी तैयारी कर ली गई हैं। पूरे अभियान में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों के घर-घर पहुंने का प्रयास किया जाएगा। बिजनौर में सात अतिसंवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है।.....आशुतोष सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी