बिजनौर। विवेक कॉलेज ऑफ लॉ में चिकित्सा न्याय शास्त्र विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण सिंह देशववाल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी व्यक्ति की असामान्य मृत्यु के संबंध में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। चिकित्सक को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करते समय किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए। क्योंकि इसमें लापरवाही होने पर न्याय का उद्देश्य विफल होने की संभावना रहती है। पंचनामे से लेकर पोस्टमार्टम तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया बताते हुए चोट और क्षति के विभिन्न प्रकारों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने गन द्वारा मृत्यु, विष द्वारा मृत्यु और आत्महत्या आदि के विषय में छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेद में फोरेंसिक लैब का भ्रमण किया। विभागाध्यक्ष चित्रांशु ने विभिन्न प्रकार के आयुध एवं विष आदि के सैंपल दिखाकर असामान्य मृत्यु के मामलों में शरीर पर पाए जाने वाले चिन्हों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर चेयरमैन अमित गोयल, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र अग्रवाल, प्रशासनिक निदेशक ओपी गुप्ता, प्राचार्य राजीव चौधरी, डा. पुष्पा जोशी, डा. नीलम शर्मा, हिमाद्री शर्मा, आकांक्षा शर्मा, अरविंद कुमार, विपिन कुमार, विनय कुमार, अंकित कुमार, प्रशांत कुमार आदि प्रवक्ता उपस्थित रहे।