जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन का दुरुपयोग
बिजनौर। जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन का दुरुपयोग किया जा रहा है। एक ओर जहां सीएचसी एवं पीएचसी पर लोगों को इलाज मय्यसर नहीं है तो वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल के चिकित्सकों की अपेक्षा सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सक कमीशन के लालच में सीटी स्कैन की संस्तुति कर मरीजों को जिला अस्पताल भेज रहे हैं। सीएमएस ने सीएचसी, पीएचसी चिकित्सकों पर अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन की संस्तुति करने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी के सामने डायग्नोस्टिक सेंटर स्थित है। इसमें सीटी स्कैन मशीन लगी हुई है। यह मशीन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी के तहत स्टार इमेजिंग कंपनी द्वारा लगाई गई थी। इसका शुभारंभ मार्च 2018 में किया गया था। केंद्र सरकार की मंशा है कि लोगों को मुफ्त में सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए इसकी शुरुआत की गई थी। लेकिन जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन का दुरुपयोग हो रहा है। चिकित्सकों की मानें तो सीटी स्कैन दुर्घटनाओं या फिर किसी अन्य गंभीर बीमारी का पता लगाने के लिए कराना उचित माना जाता है। बिना किसी गंभीर बीमारी के सीटी स्कैन कराना मरीज के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। चिकित्सक बताते हैं कि एक अल्ट्रासाउंड कराना 100 एक्सरे के समान होता है, जबकि एक सीटी स्कैन कराने का मतलब 125 अल्ट्रासाउंड कराने जैसा होता है। यानी एक बार सीटी स्कैन कराने में शरीर को इतनी विकरण झेलनी पड़ती हैं, जितनी कि 125 अल्ट्रासाउंड कराने में। लोग यह नहीं जानते कि बहुत जरूरी होने पर ही चिकित्सक मरीज को सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं।
वर्तमान में जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 120 लोगों के सीटी स्कैन हो रहे हैं। इनमें जिला अस्पताल के चिकित्सकों का आंकड़ा दस के आसपास है, बाकी सभी जिले की सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सकों द्वारा सीटी स्कैन की संस्तुति कर जिला अस्पताल के लिए भेजा जा रहा है। इस मामले की जिला अस्पताल के सीएमएस सुखवीर सिंह ने सीएमओ राकेश कुमार मित्तल को पत्र लिखकर शिकायत की है। पत्र में बताया है कि प्रत्येक माह जनपद के विभिन्न सीएचसी एवं पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों द्वारा सीटी स्कैन की संस्तुति कर जिला अस्पताल के लिए भेजा जा रहा है। इससे प्रतिमाह करीब 40 लाख रुपये तक का बिल आ रहा है। सीएमओ राकेश मित्तल ने बताया कि बिना वजह के सीटी स्कैन नहीं कराना चाहिए और न ही चिकित्सकों को इसकी संस्तुति करनी चाहिए। क्योंकि सीटी स्कैन की रेडिएशन बहुत ही खतरनाक होती हैं। इसलिए जिले के सभी चिकित्सक इस बात का विशेष ध्यान रखें। बहुतायत संख्या में सीटी स्कैन लिखने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।