मना करने के बाद भी चला दी गई फैक्ट्री
बिजनौर। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री 15 साल से चल रही है। यह फैक्ट्री ढाई माह से बंद पड़ी थी। फैक्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने फैक्ट्री को चलाने से मना किया था। लेकिन इसके बाद भी मालिक ने फैक्ट्री को चलवा दिया। ग्रामीणों की मानें तो जिस टैंक में मिथेन गैस भरी थी उसकी मियाद भी पूरी हो चुकी थी। फिर भी टैंक की मरम्मत कराकर फैक्ट्री स्वामी उसे चलाने में जुटे थे।
मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री के बराबर में इसी ग्रुप की देव रबड़ फैक्ट्री और पीछे देव पेट्रो केमिकल्स हैं। मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री पिछले ढाई माह से बंद पड़ी थी। आसपास के लोगों को इसके चलने की उम्मीद नहीं थी। अचानक ही तीन दिन पहले फैक्ट्री को चालू कर दिया गया। जबकि इंजीनियरों ने फैक्ट्री की हालत देखकर इसे चलाने से मना किया था। आनन फानन में चला दिया गया। फैक्ट्री से जुड़े एक ठेकेदार के मुताबिक 15 साल से यह फैक्ट्री चल रही है। फैक्ट्री को ढाई माह पहले ही बंद किया गया था। इसके पीछे क्या कारण था किसी को नहीं मालूम। अब फिर से फैक्ट्री चालू कर दी गई।
टैंक में धमाके से दीवार गिरी
टैंक में हुए विस्फोट के बाद फैक्ट्री के अंदर की दीवार तक गिर गई। लोहे के गार्डर जमीन में जा धंसे। लोगों की मानें तो फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक विस्फोट होने के बाद कई फीट आसमान में उछले और उसके बाद फैक्ट्री से बाहर खेतों में जमीन पर आकर गिरे। आसपास के गांवों के मकान तक विस्फोट के बाद हिल गए। लोगों को पहले समझ में नहीं आया कि क्या माजरा है। बाद में घटना का पता चलने पर सब फैक्ट्री की ओर दौड़े।
एक घंटे तक घटना को छिपाए रहे
घटना को फैक्ट्री के मालिक और अफसर करीब एक घंटे तक छिपाए रहे। घायल और मृतकों को अस्पताल तुरंत भिजवा दिया गया। गांव वालों के मुताबिक घटना के बाद उत्तेजित कुछ श्रमिक फैक्ट्री स्वामी और अफसरों के पीछे दौड़े तो वे वहां से भाग निकले। इसके बाद वे लौटकर फैक्ट्री में नहीं आए। सभी उनका इंतजार करते रहे, पर कोई फैक्ट्री में दिखाई नहीं दिया।